भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, प्रथम अनुसूची: भारतीय न्याय संहिता के अधीन अपराधों का वर्गीकरण
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की प्रथम अनुसूची का भाग 1 भारतीय न्याय संहिता के हर अपराध का वर्गीकरण करता है: उसका दंड, वह संज्ञेय है या असंज्ञेय, जमानतीय है या अजमानतीय, और किस न्यायालय द्वारा विचारणीय है। अनुसूची में “संज्ञेय” का अर्थ है कि पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तार कर सकेगा, और “असंज्ञेय” का अर्थ है कि पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तार नहीं करेगा।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, प्रथम अनुसूची, भारत का राजपत्र असाधारण, 25 दिसंबर 2023। अनुसूची धारा का सारांश बताती है, उसकी पूरी परिभाषा नहीं। किसी राज्य ने अपने क्षेत्र के लिए वर्गीकरण में संशोधन किया हो सकता है।
अन्य भाषाओं में भी: English
| धारा | अपराध | दंड | संज्ञेय या असंज्ञेय | जमानतीय या अजमानतीय | किस न्यायालय द्वारा विचारणीय |
|---|---|---|---|---|---|
| अध्याय 4: दुष्प्रेरण, आपराधिक षड़यंत्र और प्रयास के विषय में | |||||
| 49 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाता है और जहां उसके दंड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं है । | वही, जो दुष्प्रेरित अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 50 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है । | वही, जो दुष्प्रेरित अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 51 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण, जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है, परंतुक के अधीन रहते हुए । | वही, जो दुष्प्रेरित किए जाने के लिए आशयित अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 52 | दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड के लिए दायी है । | वही, जो दुष्प्रेरित अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 53 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण, जब दुष्प्रेरित कार्य से ऐसा प्रभाव पैदा होता है, जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न है । | वही जो किए गए अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 54 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण, दुष्प्रेरक अपराध किए जाते समय उपस्थित है । | वही जो किए गए अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 55 | मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण, यदि दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप अपराध कारित नहीं किया जाता है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 55 | यदि अपहानि करने वाला कार्य दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता है । | 14 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 56 | कारावास से दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण, यदि दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप अपराध कारित नहीं किया जाता है । | उस दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक का कारावास, जो अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 56 | यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ति ऐसा लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध निवारित करना है । | उस दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक का कारावास, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 57 | लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण । | कारावास, जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 58(क) | मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना, यदि अपराध कर दिया जाता है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 58(ख) | यदि अपराध नहीं किया जाता है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | जमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 59(क) | किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है, यदि अपराध कर दिया जाता है । | उस दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक का कारावास, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 59(ख) | यदि अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय है । | 10 वर्ष के लिए कारावास । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 59(ग) | यदि अपराध नहीं किया जाता है । | उस दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक का कारावास, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | जमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 60(क) | कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना, यदि अपराध कर दिया जाता है । | उस दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक का कारावास या जुर्माना या दोनों, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 60(ख) | यदि अपराध नहीं किया जाता है । | उस दीर्घतम अवधि के आठवें भाग तक का कारावास, जो अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि दुष्प्रेरित अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | जमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा दुष्प्रेरित अपराध विचारणीय है |
| 61(2)(क) | मृत्यु, आजीवन कारावास या 2 वर्ष या उससे अधिक अवधि के कठोर कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र । | वही, जो उस अपराध के, जो षड्यंत्र द्वारा उद्दिष्ट है, दुष्प्रेरण के लिए है । | इसके अनुसार कि अपराध, जो षड्यंत्र द्वारा उद्दिष्ट है, संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि वह अपराध, जो षड्यंत्र द्वारा उद्दिष्ट है, जमानतीय है या अजमानतीय | उस न्यायालय द्वारा, जिसके द्वारा उस अपराध का दुष्प्रेरण, जो षड्यंत्र द्वारा उद्दिष्ट है, विचारणीय है |
| 61(2)(ख) | कोई अन्य आपराधिक षड्यंत्र । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 62 | आजीवन कारावास, या कारावास से दण्डनीय अपराध को कारित करने का प्रयत्न करना और ऐसे प्रयत्न में अपराध कारित करने की दशा में कोई कार्य करना । | आजीवन कारावास के आधे, या उस अपराध के लिए उपबन्धित, दीर्घतम अवधि के आधे से अनधिक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | इसके अनुसार कि अपराध, संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि वह अपराध जिसका अपराधी द्वारा प्रयत्न किया गया जमानतीय है या अजमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा प्रयत्न किया गया अपराध विचारणीय है |
| अध्याय 5: महिला और बालक के विरुद्ध अपराधों के विषय में | |||||
| 64(1) | बलात्संग । | कम से कम 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 64(2) | किसी पुलिस अधिकारी या किसी लोक सेवक या सशस्त्र बलों के सदस्य या किसी जेल, प्रतिप्रेषण-गृह या अभिरक्षा के अन्य स्थान या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के प्रबंधतंत्र या कर्मचारिवृंद में के किसी व्यक्ति या किसी अस्पताल के प्रबंधतंत्र या कर्मचारिवृंद में के किसी व्यक्ति द्वारा बलात्संग और उस व्यक्ति के प्रति, जिससे बलात्संग किया गया है, न्यास या प्राधिकारी की स्थिति में के किसी व्यक्ति द्वारा या उस व्यक्ति के, जिससे बलात्संग किया गया है, किसी निकट नातेदार द्वारा किया गया बलात्संग । | Rigorous imprisonment for not less than 10 years but which may extend to imprisonment for life which shall mean the remainder of that person's natural life and fine. अंग्रेज़ी पाठ | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 65(1) | सोलह वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ बलात्संग का अपराध कारित करने वाले व्यक्ति । | ऐसी अवधि का कठोर कारावास, जो 20 वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, जो उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 65(2) | बारह वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ बलात्संग का अपराध कारित करने वाले व्यक्ति । | कम से कम 20 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा, जो उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, और जुर्माने से या मृत्युदंड । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 66 | बलात्संग का अपराध करने और ऐसी क्षति पहुंचाने वाला व्यक्ति, जिससे महिला की मृत्यु कारित हो जाती है या उसकी लगातार विकृतशील दशा हो जाती है । | कम से कम 20 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, या मृत्युदंड । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 67 | पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथुन । | कम से कम 2 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय (केवल पीड़िता के परिवाद पर) | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 68 | प्राधिकार, आदि में किसी व्यक्ति द्वारा मैथुन । | कम से कम 5 वर्ष के लिए कठोर कारावास से, किन्तु जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 69 | प्रवंचनापूर्ण उपायों, आदि का उपयोग करके मैथुन करना । | कारावास, जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 70(1) | सामूहिक बलात्संग । | कम से कम 20 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 70(2) | अठारह वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ सामूहिक बलात्संग । | आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा और जुर्माने से या मृत्युदंड । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 71 | पुनरावृत्तिकर्ता अपराधी । | आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा या मृत्युदंड । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 72(1) | कतिपय अपराधों, आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण । | 2 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 73 | न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना किसी कार्यवाही का मुद्रण या प्रकाशन । | 2 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 74 | महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग । | 1 वर्ष के लिए कारावास, जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 75(2) | उपधारा (1) के खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) में विनिर्दिष्ट लैंगिक उत्पीड़न और लैंगिक उत्पीड़न के लिए दंड । | 3 वर्ष तक का कठोर कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 75(3) | उपधारा (1) के खंड (iv) में विनिर्दिष्ट लैंगिक उत्पीड़न और लैंगिक उत्पीड़न के लिए दंड । | 1 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 76 | विवस्त्र करने के आशय से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग । | कम से कम 3 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 77 | दृश्यरतिकता । | कम से कम 1 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो 3 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 77 | द्वितीय या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि । | कम से कम 3 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 78(2) | पीछा करना । | 3 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 78(2) | द्वितीय या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि । | 5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 79 | महिला की लज्जा का अनादर करने के आशय से कोई शब्द कहना या कोई अंग-विक्षेप करना, आदि । | 3 वर्ष का सादा कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 80(2) | दहेज मृत्यु । | कम से कम 7 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 81 | पुरुष द्वारा महिला को, जो उससे विधिपूर्वक विवाहित नहीं है, प्रवंचना से विश्वास कारित करके कि वह उससे विधिपूर्वक विवाहित है, उस विश्वास में उससे सहवास करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 82(1) | पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 82(2) | उस व्यक्ति से, जिसके साथ पश्चात्वर्ती विवाह किया जाता है, पूर्ववर्ती विवाह को छिपाकर वही अपराध । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 83 | किसी व्यक्ति द्वारा यह जानते हुए कि वह तद्द्वारा विधिपूर्वक विवाहित नहीं हुआ है, कपटपूर्ण आशय से विवाह का कर्म करना । | 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 84 | विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना या निरुद्ध रखना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 85 | किसी विवाहित महिला के प्रति क्रूरता करने के लिए दंड । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय, यदि पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को अपराध किए जाने से संबंधित सूचना, अपराध से व्यथित व्यक्ति द्वारा या रक्त, विवाह या दत्तक ग्रहण द्वारा उससे संबंधित किसी व्यक्ति द्वारा या यदि कोई ऐसा नातेदार नहीं है तो ऐसे वर्ग या प्रवर्ग के किसी लोक सेवक द्वारा, जो इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए, दी गई है | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 87 | किसी महिला को विवाह, आदि करने के लिए विवश करने के लिए उसे व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 88 | गर्भपात कारित करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 88 | यदि महिला स्पन्दनगर्भा हो । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 89 | महिला की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 90(1) | गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्य द्वारा कारित मृत्यु । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 90(2) | यदि वह कार्य महिला की सम्मति के बिना किया जाता है । | आजीवन कारावास या यथा उपरोक्त । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 91 | बालक का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य । | 10 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 92 | ऐसे कार्य द्वारा, जो आपराधिक मानववध की कोटि में आता है, किसी सजीव अजात् बालक की मृत्यु कारित करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 93 | बालक के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बालक का उसके पूर्ण परित्याग के आशय से अरक्षित डाल दिया जाना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 94 | मृत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 95 | अपराध कारित करने के लिए किसी बच्चे को भाड़े पर लेना, नियोजित करना या नियुक्त करना । | कम से कम 3 वर्ष का कारावास, किंतु जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 95 | यदि अपराध कारित किया जाए । | कारित किए गए अपराध के समान | संज्ञेय | अजमानतीय | न्यायालय, जिसके द्वारा, कारित किया गया अपराध विचारणीय है |
| 96 | शिशु का उपापन । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 97 | दस वर्ष से कम आयु के किसी शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उस शिशु का व्यपहरण या अपहरण । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 98 | वेश्यावृत्ति, आदि के प्रयोजन के लिए शिशु को बेचना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 99 | वेश्यावृत्ति, आदि के प्रयोजनों के लिए शिशु को खरीदना । | कम से कम 7 वर्ष का कारावास, किंतु जो 14 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| अध्याय 6: मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के विषयों में | |||||
| 103(1) | हत्या । | मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 103(2) | पांच या अधिक व्यक्तियों के समूह द्वारा हत्या । | मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 104 | आजीवन सिद्धदोष द्वारा हत्या । | मृत्यु या आजीवन कारावास, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 105 | हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध, यदि वह कार्य, जिसके द्वारा मृत्यु कारित की गई है, मृत्यु, आदि कारित करने के आशय से किया जाए । | आजीवन कारावास से, या कारावास से, जिसकी अवधि 5 वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो 10 वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 105 | यदि वह कार्य इस ज्ञान के साथ कि उससे मृत्यु कारित करना सम्भाव्य है, किन्तु मृत्यु, आदि कारित करने के किसी आशय के बिना, किया जाए । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 106(1) | उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 106(1) | रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना । | 2 वर्ष का कारावास और जुर्माना | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 106(2) | यान के उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण चालन से, किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करना और निकलकर भागना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 107 | शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति, आदि को आत्महत्या का दुष्प्रेरण । | मृत्यु, या आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 108 | आत्महत्या का दुष्प्रेरण । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 109(1) | हत्या का प्रयत्न । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 109(1) | यदि ऐसे कार्य द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित हो जाए । | आजीवन कारावास या यथाउपरोक्त । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 109(2) | आजीवन सिद्धदोष द्वारा हत्या का प्रयत्न, यदि उपहति कारित हुई हो । | मृत्यु या आजीवन कारावास, जिसका अर्थ उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल से होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 110 | आपराधिक मानववध करने का प्रयत्न । | 3 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 110 | यदि ऐसे कार्य द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित होती है । | 7 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(2)(क) | संगठित अपराध, जिसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो । | मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना, जो 10 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(2)(ख) | किसी अन्य दशा में । | कारावास, जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना, जो 5 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(3) | संगठित अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण, प्रयत्न, षडयंत्र करना या आशयपूर्वक उसे सुकर बनाना । | कारावास, जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना, जो 5 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(4) | संगठित अपराध सिंडिकेट का सदस्य होना । | कारावास, जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना, जो 5 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(5) | आशयपूर्वक किसी व्यक्ति को, जिसने संगठित अपराध कारित किया है, संश्रय देना या छिपाना । | कारावास, जो 3 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना, जो 5 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(6) | संगठित अपराध से व्यत्पुन्न या प्राप्त कोई संपत्ति धारण करना । | कारावास, जो 3 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना, जो 2 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 111(7) | संगठित अपराध सिंडिकेट के किसी सदस्य की ओर से संपत्ति धारण करना । | कारावास जो 3 वर्ष से कम नहीं होगा किन्तु जो 10 वर्ष तक के लिए हो सकेगा और जुर्माना जो 1 लाख रुपए से कम नहीं होगा । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 112 | छोटे संगठित अपराध । | कारावास, जो 1 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो 7 वर्ष तक हो सकेगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 113(2)(क) | आतंकवादी कृत्य, जिसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है । | मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(2)(ख) | किसी अन्य दशा में । | कारावास, जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(3) | आतंकवादी कृत्य किए जाने का प्रयत्न, षडयंत्र, दुष्प्रेरण, आदि करना या जानबूझकर उसे सुकर बनाना । | कारावास, जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(4) | आंतकवादी कृत्य कारित करने के लिए कैम्प, प्रशिक्षण आदि आयोजित करना | कारावास जो 5 वर्ष से कम नहीं होगा किन्तु जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(5) | उस संगठन का सदस्य होना, जो आतंकवादी कृत्य में अंतर्वलित है । | आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(6) | किसी व्यक्ति को, जिसने आतंकवादी कृत्य कारित किया है, संश्रय देना या छिपाना, आदि । | कारावास, जो 3 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 113(7) | आतंकवादी कृत्य से व्यत्पुन्न या प्राप्त कोई संपत्ति धारण करना । | आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 115(2) | स्वेच्छया उपहति कारित करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास या 10 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 117(2) | स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 117(3) | यदि उपहति के परिणामस्वरूप स्थायी दिव्यांगता या सतत् शिथिल अवस्था होती है । | Rigorous imprisonment for not less than 10 years but which may extend to imprisonment for life which shall mean the remainder of that person's natural life. अंग्रेज़ी पाठ | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 117(4) | 5 या अधिक व्यक्तियों के समूह द्वारा, घोर उपहति कारित करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 118(1) | खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास या 20 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 118(2) | खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना [धारा 122(2) में यथा उपबंधित के सिवाय] । | आजीवन कारावास या कारावास, जो 1 वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो 10 वर्ष तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 119(1) | संपत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 119(2) | उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी प्रयोजन के लिए स्वैच्छया घोर उपहति कारित करना । | आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 120(1) | संस्वीकृति या जानकारी उद्दापित करने या विवश करके संपत्ति का प्रत्यावर्तन कराने, आदि के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 120(2) | संस्वीकृति या जानकारी उद्दापित करने या विवश करके संपत्ति का प्रत्यावर्तन कराने, आदि के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 121(1) | लोक सेवक को अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति कारित करना । | 5 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 121(2) | लोक सेवक को अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना । | कम से कम 1 वर्ष का कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 122(1) | प्रकोपन देने वाले व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति को उपहति करने का आशय न रखते हुए गंभीर और अचानक प्रकोपन पर स्वैच्छया उपहति कारित करना । | 1 मास के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 122(2) | प्रकोपन देने वाले व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति को उपहति करने का आशय न रखते हुए गंभीर और अचानक प्रकोपन पर घोर उपहति कारित करना । | 5 वर्ष के लिए कारावास या 10,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 123 | अपराध करने के आशय से विष, आदि द्वारा उपहति कारित करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 124(1) | अम्ल, आदि का प्रयोग करके स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना । | कम से कम 10 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 124(2) | स्वेच्छया अम्ल फेंकना या फेंकने का प्रयत्न करना । | 5 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 125 | कार्य, जिससे मानव जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न हो । | 3 मास के लिए कारावास या 2,500 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 125(क) | जहां उपहति कारित की गई है । | 6 मास के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 125(ख) | जहां घोर उपहति कारित की गई है । | 3 वर्ष का कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 126(2) | किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करना । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 127(2) | किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध । | 1 वर्ष के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 127(3) | तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध । | 3 वर्ष के लिए कारावास या 10,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 127(4) | 10 या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध । | 5 वर्ष के लिए कारावास और 10,000 रुपए का जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 127(5) | किसी व्यक्ति को यह जानते हुए सदोष परिरोध में रखना कि उसको छोड़ने के लिए रिट जारी की गई है । | किसी अन्य धारा के अधीन किसी अवधि के लिए कारावास के अतिरिक्त, 2 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 127(6) | गुप्त स्थान में सदोष परिरोध । | उस दण्ड के अतिरिक्त, जिसके लिए वह दायी हो, 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 127(7) | सम्पत्ति उद्दापित करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने, आदि के प्रयोजन के लिए सदोष परिरोध । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 127(8) | संस्वीकृति या जानकारी उद्दापित करने या सम्पत्ति, आदि को प्रत्यावर्तित करने के लिए विवश करने के प्रयोजन के लिए सदोष परिरोध । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 131 | गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा हमला या आपराधिक बल । | 3 मास के लिए कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 132 | लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 133 | गंभीर और अचानक प्रकोपन होने से अन्यथा, किसी व्यक्ति का निरादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 134 | किसी व्यक्ति द्वारा पहनी हुई या ले जाई जाने वाली सम्पत्ति की चोरी के प्रयत्न में हमला या आपराधिक बल । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 135 | किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्न में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग । | 1 वर्ष के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 136 | गंभीर और अचानक प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 137(2) | व्यपहरण । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 139(1) | भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए शिशु का व्यपहरण । | कठोर कारावास, जो 10 वर्ष से कम का नहीं होगा, किंतु जो आजीवन कारावास के लिए हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 139(2) | भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए शिशु को विकलांग करना । | कारावास, जो 20 वर्ष से कम का नहीं होगा, जो उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवन तक हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 140(1) | Kidnapping or abducting in order to murder. अंग्रेज़ी पाठ | Imprisonment for life, or rigorous imprisonment for 10 years and fine. अंग्रेज़ी पाठ | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 140(2) | फिरौती, आदि के लिए व्यपहरण । | मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 140(3) | किसी व्यक्ति का गुप्त रीति से और सदोष परिरोध करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 140(4) | किसी व्यक्ति को घोर उपहति, दासत्व, आदि के अधीन करने के लिए व्यपहरण या अपहरण । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 141 | विदेश से बालिका या बालक का आयात करना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 142 | व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना । | व्यपहरण या अपहरण के लिए दंड । | संज्ञेय | अजमानतीय | वह न्यायालय, जिसके द्वारा व्यपहरण या अपहरण विचारणीय है |
| 143(2) | व्यक्ति का दुर्व्यापार । | कम से कम 7 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 143(3) | एक से अधिक व्यक्तियों का दुर्व्यापार । | कम से कम 10 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 143(4) | किसी शिशु का दुर्व्यापार । | कम से कम 10 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 143(5) | एक से अधिक शिशुओं का दुर्व्यापार । | कम से कम 14 वर्ष के लिए कारावास, किंतु जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 143(6) | व्यक्ति को एक से अधिक अवसरों पर शिशु के दुर्व्यापार के अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया जाना । | आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेत होगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 143(7) | लोक सेवक या किसी पुलिस अधिकारी का शिशु के दुर्व्यापार में अंतर्वलित होना । | आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेत होगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 144(1) | ऐसे किसी शिशु का शोषण, जिसका दुर्व्यापार किया गया है । | कम से कम 5 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 144(2) | ऐसे किसी व्यक्ति का शोषण, जिसका दुर्व्यापार किया गया है । | कम से कम 3 वर्ष के लिए कठोर कारावास, किंतु जो 7 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 145 | दासों का आभ्यासिक व्यौहार करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 146 | विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 7: राज्य के विरुद्ध अपराधों के विषय में | |||||
| 147 | भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना, या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना । | मृत्यु, या आजीवन कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 148 | राज्य के विरुद्ध कतिपय अपराधों को करने के लिए षड्यंत्र । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 149 | भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध, आदि संग्रह करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 150 | युद्ध करने की परिकल्पना को सुकर बनाने के आशय से छिपाना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 151 | किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल, आदि पर हमला करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 152 | भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कार्य । | आजीवन कारावास, या 7 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 153 | भारत सरकार से शांति का संबंध रखने वाली किसी विदेशी राज्य की सरकार के विरुद्ध युद्ध करना । | आजीवन कारावास और जुर्माना, या 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना, या जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 154 | भारत सरकार के साथ शांति का संबंध रखने वाले विदेशी राज्य के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना, और कतिपय सम्पत्ति की जब्ती । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 155 | धारा 153 और धारा 154 में वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा ली गई सम्पत्ति प्राप्त करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना और कतिपय सम्पत्ति की जब्ती । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 156 | लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्ध कैदी को अपनी अभिरक्षा में से निकल भागने देना । | आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 157 | उपेक्षा से लोक सेवक का राजकैदी या युद्ध कैदी का अपनी अभिरक्षा में से निकल भागना सहन करना । | 3 वर्ष के लिए सादा कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 158 | ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुड़ाना या संश्रय देना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| अध्याय 8: सेना नौसेना और वायुसेना से संबंधित अपराधों के विषय में | |||||
| 159 | विद्रोह का दुष्प्रेरण या किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को उसकी राजनिष्ठा या उसके कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 160 | विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए । | मृत्यु या आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 161 | अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अधिकारी अपने पद निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरण । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 162 | ऐसे हमले का दुष्प्रेरण, यदि हमला किया जाता है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 163 | अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अभित्यजन का दुष्प्रेरण । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 164 | अभित्याजक को संश्रय देना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 165 | मास्टर या भारसाधक व्यक्ति की उपेक्षा से वाणिज्यिक जलयान पर छिपा हुआ अभित्याजक । | 3,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 166 | अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अनधीनता के कार्य का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप वह अपराध किया जाता है । | 2 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 168 | सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन धारण करना । | 3 मास के लिए कारावास, या 2,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 9: निर्वाचन संबंधी अपराधों के विषय में | |||||
| 173 | रिश्वत । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों, या यदि सत्कार के रूप में ही ली गई है तो केवल जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 174 | निर्वाचन में असम्यक् असर डालना या प्रतिरूपण करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 175 | निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन । | जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 176 | निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय । | 10,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 177 | निर्वाचन लेखा रखने में असफलता । | 5,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 10: सिक्कों, करेंसी नोटों, बैंक नोटों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के विषय में | |||||
| 178 | सिक्कों, सरकारी स्टांपों, करेंसी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 179 | कूटरचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 180 | कूटरचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 181 | कूटरचित या कूटकृत सिक्कों, सरकारी स्टांम्प, करेंसी नोटो या बैंक नोटों को बनाना, क्रय करना, विक्रय करना या बनाने के लिए मशीनरी, उपकरण या सामग्री को कब्जे में रखना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 182(1) | करेंसी नोटों या बैंक नोटों से सादृश्य रखने वाली दस्तावेजों की रचना या उपयोग । | 300 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 182(2) | मुद्रक का नाम और पता बताने से इंकार पर । | 600 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 183 | इस आशय से कि सरकार को हानि कारित हो, उस पदार्थ पर से, जिस पर सरकारी स्टाम्प लगा हुआ है, लेख मिटाना, या दस्तावेज से वह स्टाम्प हटाना, जो उसके लिए उपयोग में लाया गया है । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 184 | ऐसे सरकारी स्टाम्प का उपयोग, जिसके बारे में ज्ञात है कि उसका पहले उपयोग हो चुका है । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 185 | स्टाम्प के उपयोग किए जा चुकने के द्योतक चिह्न को छीलकर मिटाना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 186 | बनावटी स्टाम्प । | 200 रुपए का जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 187 | टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के का उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना, जो विधि द्वारा नियत है । | 7 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 188 | टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 11: लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों के विषय में | |||||
| 189(2) | विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(3) | किसी विधिविरुद्ध जमाव में यह जानते हुए कि उसके बिखर जाने का समादेश दिया गया है, सम्मिलित होना या उसमें बने रहना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(4) | किसी घातक आयुध से सज्जित होकर विधिविरुद्ध जमाव में सम्मिलित होना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(5) | पांच या अधिक व्यक्तियों के किसी जमाव को बिखर जाने का समादेश दिए जाने के पश्चात्, उसमें जानते हुए सम्मिलित होना या बने रहना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(6) | विधिविरुद्ध जमाव में भाग लेने के लिए व्यक्तियों को भाड़े पर लेना, वचनबद्ध करना, या नियोजित करना । | वही, जो ऐसे जमाव के सदस्य के लिए और ऐसे जमाव के किसी सदस्य द्वारा किए गए किसी अपराध के लिए है । | संज्ञेय | इसके अनुसार कि अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | वह न्यायालय, जिसके द्वारा वह अपराध विचारणीय है |
| 189(7) | विधिविरुद्ध जमाव के लिए भाड़े पर लाए गए व्यक्तियों को संश्रय देना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(8) | विधिविरुद्ध जमाव या बलवे में भाग लेने के लिए भाड़े पर जाना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 189(9) | या आयुध सहित जाना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 190 | विधिविरुद्ध जमाव का प्रत्येक सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने के लिए किए गए अपराध का दोषी । | वही, जो उस अपराध के लिए है । | इसके अनुसार कि वह अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय | इसके अनुसार कि अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | वह न्यायालय, जिसके द्वारा वह अपराध विचारणीय है |
| 191(2) | बलवा । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 191(3) | घातक आयुध से सज्जित होकर बलवा करना । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 192 | बलवा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना, यदि बलवा किया जाता है । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 192 | यदि बलवा नहीं किया जाता है । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 193(1) | बलवे, आदि की सूचना का भूमि के स्वामी या अधिभोगी द्वारा न दिया जाना । | 1,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 193(2) | जिस व्यक्ति के फायदे के लिए या जिसकी ओर से बलवा होता है, उस व्यक्ति द्वारा उसका निवारण करने के लिए सब विधिपूर्ण साधनों का उपयोग न किया जाना । | जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 193(3) | जिस स्वामी या अधिभोगी के फायदे के लिए बलवा किया जाता है, उसके अभिकर्ता द्वारा उसका निवारण करने के लिए सब विधिपूर्ण साधनों का उपयोग न किया जाना । | जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 194(2) | दंगा करना । | 1 मास के लिए कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 195(1) | लोक सेवक जब बलवे आदि को दबा रहा हो, तब उस पर हमला करना या उसे बाधित करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, जो कम से कम 25,000 रूपए होगा, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 195(2) | लोक सेवक, जब बलवे इत्यादि को दबा रहा हो, तब हमले की धमकी देना या काम में बाधा डालने का प्रयत्न करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 196(1) | धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, इत्यादि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 196(2) | पूजा के स्थान, आदि में वर्गों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 197(1) | राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, दृढ़कथन । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 197(2) | यदि सार्वजनिक पूजा स्थल आदि पर किया जाए । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 12: लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय में | |||||
| 198 | लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा करता है । | 1 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 199 | लोक सेवक, जो विधि के अधीन के निदेश की अवज्ञा करता है । | कम से कम 6 मास के लिए कठोर कारावास, जो 2 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 200 | अस्पताल द्वारा पीड़ित का उपचार न किया जाना । | 1 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 201 | लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 202 | लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से व्यापार में लगता है । | 1 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों या सामुदायिक सेवा । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 203 | लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों और यदि संपत्ति क्रय कर ली गई है तो उसका अधिहरण । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 204 | लोक सेवक का प्रतिरूपण । | कारावास, जो कम से कम 6 मास का होगा, किंतु जो 3 वर्ष तक का हो सकेगा, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 205 | कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना । | 3 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 13: लोक सेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के अवमान के विषय में | |||||
| 206(क) | लोक सेवक से समन की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 206(ख) | यदि वह समन या सूचना न्यायालय में वैयक्तिक उपस्थिति आदि अपेक्षित करती है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 207(क) | समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 207(ख) | यदि समन, आदि न्यायालय में वैयक्तिक उपस्थिति, आदि अपेक्षित करते हैं । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 208(क) | लोक सेवक का आदेश न मानकर अनुपस्थित रहना । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 208(ख) | यदि आदेश न्यायालय में वैयक्तिक उपस्थिति, आदि अपेक्षित करता है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 209 | इस संहिता की धारा 84 के अधीन किसी उद्घोषणा के जवाब में अनुपस्थिति । | 3 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों या समुदाय सेवा । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 209 | किसी ऐसे मामले में, जहां किसी व्यक्ति को, उद्घोषित अपराधी के रूप में घोषित करते हुए इस संहिता की धारा 84 की उपधारा (4) के अधीन घोषणा की गई है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 210(क) | दस्तावेज प्रस्तुत करने या परिदत्त करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत करने का लोप । | 1 मास के लिए सादा कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 210(ख) | यदि उस दस्तावेज का न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना या परिदत्त किया जाना अपेक्षित है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 211(क) | सूचना या जानकारी देने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को ऐसी सूचना या जानकारी देने का साशय लोप । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 211(ख) | यदि अपेक्षित सूचना या जानकारी अपराध किए जाने, आदि के विषय में है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 211(ग) | यदि सूचना या जानकारी इस संहिता की धारा 394 की उपधारा (1) के अधीन दिए गए आदेश द्वारा अपेक्षित है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 212(क) | लोक सेवक को जानते हुए मिथ्या सूचना देना । | 6 मास के लिए सादा कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 212(ख) | यदि अपेक्षित सूचना अपराध किए जाने आदि के विषय में हो । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 213 | शपथ से इंकार करना जब लोक सेवक द्वारा वह शपथ लेने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाता है । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 214 | सत्य कथन करने के लिए विधिक रूप से बाध्य होते हुए प्रश्न करने के लिए प्राधिकृत लोक सेवक को उत्तर देने से इंकार करना । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 215 | लोक सेवक से किए गए कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करना जब वह वैसा करने के लिए विधिक रूप से अपेक्षित है । | 3 मास के लिए सादा कारावास, या 3,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 216 | लोक सेवक से शपथ पर जानते हुए सत्य के रूप में ऐसा कथन करना जो मिथ्या है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 217 | किसी लोक सेवक को इस आशय से मिथ्या सूचना देना कि वह अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति को क्षति या क्षोभ करने के लिए करे । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 218 | लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा सम्पत्ति लिए जाने का प्रतिरोध । | 6 मास के लिए कारावास या 10,000 रुपए तक का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 219 | लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई सम्पत्ति के विक्रय में बाधा उपस्थित करना । | 1 मास के लिए कारावास, या 5000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 220 | लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए आमंत्रित संपत्ति के लिए अवैध क्रय या बोली लगाना । | 1 मास के लिए कारावास, या 200 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 221 | लोक सेवक के लोक कृत्यों के निर्वहन में बाधा डालना । | 3 मास के लिए कारावास, या 2,500 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 222(क) | लोक सेवक की सहायता करने का लोप जब ऐसी सहायता देने के लिए विधि द्वारा आबद्ध हो । | 1 मास के लिए सादा कारावास, या 2,500 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 222(ख) | ऐसे लोक सेवक की, जो आदेशिका के निष्पादन, अपराधों के निवारण आदि के लिए सहायता मांगता है, सहायता देने में जानबूझकर उपेक्षा करना । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 223(क) | लोक सेवक द्वारा विधिपूर्वक प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा, यदि ऐसी अवज्ञा विधिपूर्वक नियोजित व्यक्तियों को बाधा, क्षोभ या क्षति कारित करे । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 2,500 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 223(ख) | यदि ऐसी अवज्ञा मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा, आदि को संकट या बलवा या दंगा कारित करे । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 224 | लोक सेवक को क्षति की धमकी । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 225 | लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से विरत रहने के लिए क्षति की धमकी । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 226 | विधिपूर्वक शक्ति का प्रयोग करने के लिए बाध्य करने या प्रयोग करने में प्रतिरोध के लिए आत्महत्या करने का प्रयत्न । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों या सामुदायिक सेवा । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 14: मिथ्या साक्ष्य और लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों के विषय में | |||||
| 229(1) | न्यायिक कार्यवाही में साशय मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और 10,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 229(2) | किसी अन्य मामले में मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना । | 3 वर्ष के लिए कारावास और 5,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 230(1) | किसी व्यक्ति को मृत्यु से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्ध कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और 50,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 230(2) | यदि निर्दोष व्यक्ति उसके द्वारा दोषसिद्ध किया जाता है और उसे फांसी दे दी जाती है । | मृत्यु या यथा उपर्युक्त । | असंज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 231 | आजीवन कारावास या 7 वर्ष या उससे अधिक के कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्ध कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना । | वही, जो अपराध के लिए है । | असंज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 232(1) | किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकाना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 232(2) | यदि निर्दोष व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य के परिणामस्वरूप दोषसिद्ध किया जाता है और मृत्यु या सात वर्ष से अधिक के कारावास से दंडादिष्ट किया जाता है । | वही, जो अपराध के लिए है । | संज्ञेय | अजमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 233 | उस साक्ष्य को न्यायिक कार्यवाही में काम में लाना जिसका मिथ्या होना या गढ़ा होना ज्ञात है । | वही, जो मिथ्या साक्ष्य देने या गढ़ने के लिए है । | असंज्ञेय | इसके अनुसार कि ऐसा साक्ष्य देने का अपराध जमानतीय है या अजमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने या गढ़ने का अपराध विचारणीय है |
| 234 | किसी ऐसे तथ्य से संबंधित मिथ्या प्रमाणपत्र जानते हुए देना या हस्ताक्षरित करना जिसके लिए ऐसा प्रमाणपत्र विधि द्वारा साक्ष्य में ग्राह्य है । | वही, जो मिथ्या साक्ष्य देने के लिए है । | असंज्ञेय | जमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 235 | प्रमाणपत्र को जिसका तात्विक बात के संबंध में मिथ्या होना ज्ञात है, सत्य प्रमाणपत्र के रूप में काम में लाना । | वही, जो मिथ्या साक्ष्य देने के लिए है । | असंज्ञेय | जमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 236 | ऐसी घोषणा में, जो साक्ष्य के रूप में विधि द्वारा ली जा सके, किया गया मिथ्या कथन । | वही, जो मिथ्या साक्ष्य देने के लिए है । | असंज्ञेय | जमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 237 | ऐसी घोषणा का मिथ्या होना जानते हुए सत्य के रूप में काम में लाना । | वही, जो मिथ्या साक्ष्य देने के लिए है । | असंज्ञेय | जमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध विचारणीय है |
| 238(क) | किए गए अपराध के साक्ष्य का विलोपन कारित करना या अपराधी को प्रतिच्छादित करने के लिए उस अपराध के बारे में मिथ्या सूचना देना, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | इसके अनुसार कि ऐसा अपराध, जिसकी बाबत साक्ष्य का विलोपन हुआ है, संज्ञेय है या असंज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 238(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 238(ग) | यदि 10 वर्ष से कम के कारावास से दंडनीय है । | उस दीर्घतम अवधि की एक चौथाई का कारावास, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा अपराध विचारणीय है |
| 239 | सूचना देने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा अपराध की सूचना देने का साशय लोप । | 6 मास के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 240 | किए गए अपराध के विषय में मिथ्या सूचना देना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 241 | साक्ष्य के रूप में किसी दस्तावेज का प्रस्तुत किया जाना निवारित करने की लिए उसको छिपाना या नष्ट करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 242 | वाद या आपराधिक अभियोजन में कोई कार्य या कार्यवाही करने या जमानतदार या प्रतिभू बनने के प्रयोजन के लिए मिथ्या प्रतिरूपण । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 243 | सम्पत्ति को जब्त किए जाने के रूप में या दंडादेश के अधीन जुर्माना चुकाने या डिक्री के निष्पादन में अभिगृहीत किए जाने से निवारित करने के लिए उसे कपटपूर्वक हटाना या छिपाना, आदि । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या 5,000 रुपए जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 244 | सम्पत्ति को जब्त किए जाने के रूप में या दंडादेश के अधीन जुर्माना चुकाने में या डिक्री के निष्पादन में लिए जाने से निवारित करने के लिए उस पर अधिकार के बिना दावा करना या उस पर किसी अधिकार के बारे में प्रवंचना करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 245 | ऐसी राशि के लिए, जो देय नहीं हो, कपटपूर्वक डिक्री होने देना सहन करना या डिक्री का तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् निष्पादित किया जाना सहन करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 246 | न्यायालय में मिथ्या दावा । | 2 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 247 | ऐसी राशि के लिए, जो देय नहीं है कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना या डिक्री को तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् निष्पादित करवाना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 248(क) | क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप । | 5 वर्ष के लिए कारावास या 2 लाख रुपए का जुर्माना, या दोनो । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 248(ख) | मृत्यु या आजीवन कारावास या दस वर्ष, या उससे अधिक के लिए कारावास से दंडनीय किसी अपराध के मिथ्या आरोप पर संस्थित आपराधिक कार्यवाही । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 249(क) | अपराधी को संश्रय देना, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 249(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 249(ग) | यदि 1 वर्ष और न कि 10 वर्ष के लिए, कारावास से दंडनीय है । | उस दीर्घतम अवधि की एक-चौथाई का, और उस भांति का, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 250(क) | अपराधी को दंड से बचाने के लिए उपहार आदि लेना, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 250(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 250(ग) | यदि 10 वर्ष से कम के लिए कारावास से दंडनीय है । | उस दीर्घतम अवधि की एक-चौथाई का कारावास, जो उस अपराध या जुर्माना, या दोनों के लिए उपबंधित है । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 251(क) | अपराधी को बचाने के प्रतिफलस्वरूप उपहार की प्रस्थापना या सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 251(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 251(ग) | यदि 10 वर्ष से कम के लिए कारावास से दंडनीय है । | उस दीर्घतम अवधि की एक-चौथाई का कारावास, जो उस अपराध या जुर्माना, या दोनों के लिए उपबंधित है । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 252 | अपराधी को पकड़वाए बिना उस चल सम्पत्ति को वापस कराने में सहायता करने के लिए उपहार लेना, जिससे कोई व्यक्ति अपराध द्वारा वंचित कर दिया गया है । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 253(क) | ऐसे अपराधी को संश्रय देना, जो अभिरक्षा से निकल भागा है या जिसको पकड़ने का आदेश दिया जा चुका है, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 253(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | जुर्माना सहित या रहित, 3 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 253(ग) | यदि 1 वर्ष के लिए, और न कि 10 वर्ष के लिए, कारावास से दंडनीय है । | उस दीर्घतम अवधि की एक-चौथाई का कारावास, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 254 | लुटेरों या डाकुओं को संश्रय देना । | 7 वर्ष के लिए कठोर कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 255 | लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को दंड से या किसी सम्पत्ति को जब्ती से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 256 | किसी व्यक्ति को दंड से या किसी सम्पत्ति को जब्ती से बचाने के आशय से लोक सेवक द्वारा अशुद्ध अभिलेख या लेख की रचना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 257 | किसी न्यायिक कार्यवाही में लोक सेवक द्वारा ऐसा आदेश, रिपोर्ट, आदि भ्रष्टतापूर्वक दिया जाना और सुनाया जाना, जो विधि के प्रतिकूल है । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 258 | प्राधिकार वाले व्यक्ति द्वारा, जो यह जानता है कि वह विधि के प्रतिकूल कार्य कर रहा है, विचारण के लिए या परिरोध करने के लिए सुपुर्दगी । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 259(क) | अपराधी को पकड़ने के लिए विधि द्वारा आबद्ध लोक सेवक द्वारा उसे पकड़ने का साशय लोप, यदि अपराध मृत्यु से दंडनीय है । | जुर्माना सहित या रहित, 7 वर्ष के लिए कारावास । | इसके अनुसार कि ऐसा अपराध, जिसके संबंध में ऐसा लोप हुआ है, संज्ञेय है या असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 259(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय है । | जुर्माना सहित या रहित 3 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 259(ग) | यदि 10 वर्ष से कम के लिए कारावास से दंडनीय है । | जुर्माना सहित या रहित, 2 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 260(क) | न्यायालय के दंडादेश के अधीन व्यक्ति को पकड़ने के लिए विधि द्वारा आबद्ध लोक सेवक द्वारा उसे पकड़ने का साशय लोप, यदि वह व्यक्ति मृत्यु के दंडादेश के अधीन है । | जुर्माना सहित या रहित, आजीवन कारावास, या 14 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 260(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष या उससे अधिक के कारावास के दंडादेश के अधीन है । | जुर्माना सहित या रहित, 7 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 260(ग) | यदि 10 वर्ष से कम के लिए कारावास के दंडादेश के अधीन है या अभिरक्षा में रखे जाने के लिए विधिपूर्वक सुपुर्द किया गया है । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 261 | लोक सेवक द्वारा उपेक्षा से परिरोध में से निकल भागना सहन करना । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 262 | किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 263(क) | किसी व्यक्ति के विधि के अनुसार पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा या विधिपूर्वक अभिरक्षा से उसे छुड़ाना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 263(ख) | यदि आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय अपराध से आरोपित हो । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 263(ग) | यदि मृत्यु दंड से दंडनीय अपराध से आरोपित है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 263(घ) | यदि वह व्यक्ति आजीवन कारावास या 10 वर्ष या उससे अधिक के कारावास से दंडादिष्ट है । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 263(ङ) | यदि मृत्यु दंडादेश के अधीन है । | आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 264 | उन दशाओं में जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं है लोक सेवक को पकड़ने का लोप या निकल भागना सहन करना– (क) जब लोप या सहन करना साशय है, | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 264 | (ख) जब लोप या सहन करना उपेक्षापूर्वक है । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 265 | उन दशाओं में, जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं है, विधिपूर्वक पकड़ने में प्रतिरोध या बाधा या निकल भागना या छुड़ाना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 266 | दंड के परिहार की शर्त का अतिक्रमण । | मूल दंडादेश का दंड या यदि दंड का भाग भोग लिया गया है, तो अवशिष्ट भाग । | संज्ञेय | अजमानतीय | वह न्यायालय जिसके द्वारा मूल अपराध विचारणीय था |
| 267 | न्यायिक कार्यवाही के किसी प्रक्रम में बैठे हुए लोक सेवक का साशय अपमान या उसके कार्य में विघ्न । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | अध्याय 28 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, वह न्यायालय, जिसमें अपराध किया गया है ; या यदि अपराध न्यायालय में नहीं किया गया है तो कोई मजिस्ट्रेट |
| 268 | असेसर का प्रतिरूपण | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनो । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 269 | जमानत पर या बंधपत्र पर छोड़े गए व्यक्ति द्वारा न्यायालय में उपस्थित होने में असफलता । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनो । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 15: लोक स्वास्थ्य, क्षेम, सुरक्षा, शिष्टता और सदाचार पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के विषय में | |||||
| 271 | उपेक्षा से कोई ऐसा कार्य करना जिसके बारे में ज्ञात है कि उससे जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोग का संक्रम फैलना संभाव्य है । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 272 | परिद्वेष से ऐसा कोई कार्य करना जिसके बारे में ज्ञात है कि उससे जीवन के लिए संकटपूर्ण किसी रोग का संक्रम फैलना संभाव्य है । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 273 | किसी संगरोधन के नियम की जानते हुए अवज्ञा । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 274 | विक्रय के लिए आशयित खाद्य या पेय का ऐसा अपमिश्रण, जिससे वह अपायकर बन जाए । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 275 | खाद्य और पेय के रूप में किसी खाद्य और पेय को, यह जानते हुए कि वह अपायकर है, बेचना । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 276 | विक्रय के लिए आशयित औषधीय या भेषजीय निर्मिति का ऐसा अपमिश्रण जिससे उसकी प्रभावकारिता कम हो जाए, क्रिया बदल जाए या वह हानिकर हो जाए । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 277 | अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 278 | जानते हुए ओषधि का भिन्न औषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 279 | लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 280 | वायुमंडल को स्वास्थ्य के लिए हानिकर बनाना । | 1,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 281 | लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना या हांकना । | 6 मास के लिए कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 282 | जलयान का उतावलेपन से चलाना । | 6 मास के लिए कारावास, या 10,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 283 | भ्रामक प्रकाश, चिह्न या बोये का प्रदर्शन । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माने से, जो 10,000 रुपए से कम का नहीं होगा । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 284 | असुरक्षित या अतिभारित जलयान में भाड़े के लिए जलमार्ग से किसी व्यक्ति को ले जाना । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 285 | किसी लोक मार्ग या नौपरिवहन-पथ में संकट या बाधा कारित करना । | 5,000 रुपए का जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 286 | विषैले पदार्थ के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 287 | अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 2,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 288 | विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 289 | मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 290 | किसी भवन निर्माण को गिराने, उसकी मरम्मत करने या सन्निर्माण, आदि के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 291 | जीव-जन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण । | 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 292 | अन्यथा अनुपबन्धित मामलों में लोक न्यूसेन्स के लिए दण्ड । | 1,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 293 | न्यूसेंस बंद करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना । | 6 मास के लिए सादा कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनो । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 294(2) | अश्लील पुस्तकों, आदि का विक्रय, आदि । | प्रथम दोषसिद्धि पर 2 वर्ष के लिए कारावास और 5,000 रुपए का जुर्माना, और द्वितीय या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि पर, 5 वर्ष के लिए कारावास और 10,000 रुपए का जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 295 | शिशु को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि । | प्रथम दोषसिद्धि पर 3 वर्ष के लिए कारावास और 2,000 रुपए का जुर्माना, और द्वितीय या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि पर, 7 वर्ष के लिए कारावास और 5,000 रुपए का जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 296 | अश्लील कार्य और गाने । | 3 मास के लिए कारावास, या 1,000 रुपए का जुर्माना, या दोनो । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 297(1) | लाटरी कार्यालय रखना । | 6 मास के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 297(2) | लाटरी संबंधी प्रस्थापनाओं का प्रकाशन । | 5,000 रुपए का जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 16: धर्म से संबंधित अपराधों के विषय में | |||||
| 298 | किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को अपवित्र, आदि करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 299 | विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य, जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 300 | धार्मिक जमाव में विघ्न करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 301 | कब्रिस्तानों, आदि में अतिचार करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 302 | धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से, शब्द, आदि उच्चारित करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में | |||||
| 303(2) | चोरी । | कठोर कारावास, जिसकी अवधि 1 वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो पांच वर्ष तक हो सकेगी और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 303(2) | उन मामलों में, जहां चोरी की गई संपत्ति का मूल्य 5,000 रुपए से कम है । | चोरी की गई संपत्ति के वापस करने पर या संपत्ति को प्रत्यावर्तित करने पर उसे समुदाय सेवा से दंडित किया जाएगा । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 304(2) | झपटमारी । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 305 | निवास-गृह, या यातायात के साधन या पूजा स्थल, आदि में चोरी । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 306 | लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के या नियोक्ता के कब्जे की सम्पत्ति की चोरी । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 307 | चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी । | 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 308(2) | उद्दापन । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 308(3) | उद्दापन करने के लिए क्षति के भय में डालना या डालने का प्रयत्न करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 308(4) | उद्दापन करने के लिए किसी व्यक्ति को मृत्यु या घोर उपहति के भय में डालना या डालने का प्रयत्न करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 308(5) | उद्दापन करने के लिए किसी व्यक्ति को मृत्यु या घोर उपहति के भय में डालना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 308(6) | उद्दापन करने के लिए मृत्यु, आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर किसी व्यक्ति को भय में डालना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 308(7) | मृत्यु, आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 309(4) | लूट | 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 309(4) | यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच की जाए | 14 वर्ष के लिए कठोर कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 309(5) | लूट करने का प्रयत्न । | 7 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 309(6) | उपहति कारित करना । | आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 310(2) | डकैती । | आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 310(3) | डकैती में हत्या । | मृत्यु, आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 310(4) | डकैती करने के लिए तैयारी करना । | 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 310(5) | डकैती करने के प्रयोजन के लिए एकत्रित पांच या अधिक व्यक्तियों में से एक होना । | 7 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 310(6) | अभ्यासतः डकैती करने के प्रयोजन से सहयुक्त व्यक्तियों की टोली का होना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 311 | मृत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती । | 7 वर्ष से अनधिक के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 312 | घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न । | 7 वर्ष से अनधिक के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 313 | अभ्यासतः चोरी करने के लिए सहयुक्त व्यक्तियों की घूमती-फिरती टोली का होना । | 7 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 314 | चल संपत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग या उसे अपने उपयोग के लिए संपरिवर्तित कर लेना । | कारावास से, जिसकी अवधि 6 मास से कम की नहीं होगी, किंतु जो 2 वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 315 | ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग, जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे में थी । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 315 | यदि मृत व्यक्ति द्वारा नियोजित लिपिक या व्यक्ति द्वारा । | 7 वर्ष के लिए कारावास । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 316(2) | आपराधिक न्यास-भंग । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 316(3) | वाहक, घाटवाल, आदि द्वारा आपराधिक न्यास-भंग । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 316(4) | लिपिक या सेवक द्वारा आपराधिक न्यास-भंग । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 316(5) | लोक सेवक द्वारा या बैंककार, व्यापारी या अभिकर्ता, आदि द्वारा आपराधिक न्यास-भंग । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 317(2) | चुराई हुई संपत्ति को उसे चुराई हुई जानते हुए बेईमानी से प्राप्त करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 317(3) | चुराई हुई सम्पत्ति को यह जानते हुए कि वह डकैती द्वारा प्राप्त की गई थी, बेईमानी से प्राप्त करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 317(4) | चुराई हुई सम्पत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 317(5) | चुराई हुई सम्पत्ति को, यह जानते हुए कि वह चुराई हुई है, छिपाने में या व्ययनित करने में सहायता करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 318(2) | छल । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 318(3) | उस व्यक्ति से छल करना जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी या तो विधि द्वारा या विधिक संविदा द्वारा आबद्ध था । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 318(4) | छल और बेईमानी से संपत्ति के परिदान के लिए उत्प्रेरित करना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 319(2) | प्रतिरूपण द्वारा छल । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माने से या दोनों से । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 320 | लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना । | कारावास से, जिसकी अवधि 6 मास से कम की नहीं होगी किंतु जो 2 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 321 | अपराधी का देय ऋण और मांग को उनके लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 322 | अंतरण के ऐसे लेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अंतर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 323 | कपटपूर्वक अपनी या किसी अन्य व्यक्ति की सम्पत्ति को छिपाना या अपसारित करना, या उसके छिपाए जाने में या अपसारित किए जाने में कपटपूर्वक सहायता करना, या बेईमानी से किसी ऐसी मांग या दावे का, जिसका वह हकदार है, छोड़ देना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 324(2) | रिष्टि । | 6 मास के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 324(3) | कोई संपत्ति जिसमें सरकारी या स्थानीय प्राधिकारी की संपत्ति सम्मिलित है की हानि या नुकसान कारित करने द्वारा रिष्टि । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 324(4) | रिष्टि जिससे पच्चीस हजार रुपए की किंतु 2 लाख रुपए से कम की हानि या नुकसान होता है । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 324(5) | रिष्टि, जिससे एक लाख रुपए या इससे अधिक की हानि या नुकसान होता है । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 324(6) | किसी व्यक्ति की मृत्यु या उसे उपहति या उसका सदोष अवरोध कारित करने की या मृत्यु का, या उपहति का, या सदोष अवरोध का भय कारित करने की तैयारी करके रिष्टि । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 325 | किसी जीव-जन्तु को वध करने, विकलांग करने के द्वारा रिष्टि । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(क) | कृषिक प्रयोजनों, आदि के लिए जल प्रदाय में कमी कारित करने द्वारा रिष्टि । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(ख) | लोक सड़क, पुल, नाव्य नदी या नाव्य जल सरणी को क्षति पहुंचाने और उसे यात्रा या संपत्ति ले जाने के लिए अगम्य या कम निरापद बना देने द्वारा रिष्टि । | 5 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(ग) | लोक जलनिकास में नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित करने द्वारा रिष्टि । | 5 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(घ) | किसी दीपगृह या समुद्री चिह्न को नष्ट करने या हटाने या कम उपयोगी बनाने या किसी मिथ्या प्रकाश को प्रदर्शित करने द्वारा रिष्टि । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(ङ) | लोक प्राधिकारी द्वारा लगाए गए भूमि चिह्न को नष्ट करने या हटाने, आदि द्वारा रिष्टि । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 326(च) | नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 326(छ) | गृह, आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 327(1) | तल्लायुक्त या 20 टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या अक्षेमकर बनाने के आशय से रिष्टि । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 327(2) | पिछली धारा में वर्णित रिष्टि जब अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा की गई हो । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 328 | चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को चलाना । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 329(3) | आपराधिक अतिचार । | 3 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 329(4) | गृह-अतिचार । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 331(1) | प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन । | 2 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 331(2) | रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार या रात्रौ गृह-भेदन । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 331(3) | कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 331(3) | यदि वह अपराध चोरी है । | 10 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 331(4) | कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार या रात्रौ गृह-भेदन । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 331(4) | यदि वह अपराध चोरी है । | 14 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 331(5) | उपहति कारित करने, हमला, आदि की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 331(6) | उपहति कारित करने, आदि की तैयारी के पश्चात् रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार या रात्रौ गृह-भेदन । | 14 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 331(7) | प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन करते समय कारित घोर उपहति । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 331(8) | रात्रौ गृह-भेदन, आदि में संयुक्ततः सम्पृक्त समस्त व्यक्तियों में से एक द्वारा कारित मृत्यु या घोर उपहति । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 332(क) | मृत्यु से दंडनीय अपराध को करने के लिए गृह-अतिचार । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कठोर कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 332(ख) | आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गृह-अतिचार । | 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 332(ग) | कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गृह-अतिचार । | 2 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 332(ग) | यदि वह अपराध चोरी है । | 7 वर्ष के लिए कारावास । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 333 | उपहति कारित करने, हमला करने, आदि की तैयारी के पश्चात् गृह-अतिचार । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 334(1) | ऐसे बंद पात्र को, जिसमें सम्पत्ति है या समझी जाती है, बेईमानी से तोड़ कर खोलना या उद्बंधित करना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 334(2) | ऐसे बंद पात्र को, जिसमें सम्पत्ति है या समझी जाती है, न्यस्त किए जाने पर कपटपूर्वक खोलना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 18: दस्तावेजों और संपत्ति चिहनों संबंधी अपराधों के विषय में | |||||
| 336(2) | कूटरचना । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 336(3) | छल के प्रयोजन के लिए कूटरचना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 336(4) | किसी व्यक्ति की ख्याति को अपहानि पहुंचाने के प्रयोजन से या यह संभाव्य जानते हुए कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाएगा, की गई कूटरचना । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 337 | न्यायालय के अभिलेख या जन्मों के रजिस्टर, आदि की, जो लोक सेवक द्वारा रखा जाता है, कूटरचना । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 338 | मूल्यवान प्रतिभूति, विल या किसी मूल्यवान प्रतिभूति की रचना या अन्तरण के प्राधिकार, या किसी धन, आदि को प्राप्त करने के प्राधिकार की कूटरचना । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 338 | जब मूल्यवान प्रतिभूति केंद्रीय सरकार का वचनपत्र है । | आजीवन कारावास, या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 339 | किसी दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए इस आशय से कि उसे असली के रूप में उपयोग में लाया जाए अपने कब्जे में रखना, यदि वह दस्तावेज धारा 337 में वर्णित भांति का हो । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 339 | यदि वह धारा 338 में वर्णित भांति का हो । | आजीवन कारावास, या 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 340(2) | कूटरचित दस्तावेज को यह जानते हुए कि वह कूटरचित है असली के रूप में उपयोग में लाना । | ऐसे दस्तावेज की कूटरचना के लिए दंड । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 341(1) | धारा 338 के अधीन दंडनीय कूटरचना करने के आशय से, मुद्रा, पट्टी, आदि बनाना या उनकी कूटकृति तैयार करना या किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी, आदि को, उसे कूटकृत जानते हुए, वैसे आशय से अपने कब्जे में रखना । | आजीवन कारावास, या 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 341(2) | धारा 338 के अधीन अन्यथा दंडनीय कूटरचना करने के आशय से, मुद्रा, पट्टी, आदि बनाना या उनकी कूटकृति करना या किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी, आदि को, उसे कूटकृत जानते हुए, वैसे आशय से अपने कब्जे में रखना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 341(3) | किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य लिखत को कूटकृत जानते हुए कब्जे में रखना । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 341(4) | किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य लिखत को जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह कूटकृत है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाना । | वह उसी प्रकार दंडित होगा, मानो उसने ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य लिखत को कूटकृत किया है । | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 342(1) | धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिह्न युक्त पदार्थ को कब्जे में रखना । | आजीवन कारावास, या 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 342(2) | धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिह्न युक्त पदार्थ को कब्जे में रखना । | 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 343 | विल, आदि को कपटपूर्वक नष्ट या विरूपित करना या उसे नष्ट या विरूपित करने का प्रयत्न करना, या छिपाना । | आजीवन कारावास या 7 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | अजमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 344 | लेखों का मिथ्याकरण । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 345(3) | मिथ्या सम्पत्ति चिह्न का इस आशय से उपयोग करना कि किसी व्यक्ति को प्रवंचित करे या क्षति करे । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 346 | क्षति कारित करने के आशय से किसी सम्पत्ति चिह्न को मिटाना, नष्ट करना या विरूपित करना । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 347(1) | अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का इस आशय से कूटकरण कि नुकसान या क्षति कारित हो । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 347(2) | लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का या किसी सम्पत्ति के विनिर्माण, क्वालिटी आदि का द्योतन करने वाले किसी चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण । | 3 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 348 | किसी लोक या प्राइवेट सम्पत्ति चिह्न के कूटकरण के लिए कोई डाई, पट्टी, या अन्य उपकरण कपटपूर्वक बनाना या अपने कब्जे में रखना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 349 | कूटकृत सम्पत्ति चिह्न से चिह्नित माल का जानते हुए विक्रय । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 350(1) | किसी पैकेज या पात्र पर, जिसमें माल रखा हुआ हो, इस आशय से मिथ्या चिह्न कपटपूर्वक बनाना कि यह विश्वास कारित हो जाए कि उसमें ऐसा माल है, जो उसमें नहीं है, आदि । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 350(2) | किसी ऐसे मिथ्या चिह्न का उपयोग करना । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| अध्याय 19: आपराधिक अभित्रास, अपमान, मानहानि, आदि के विषय में | |||||
| 351(2) | आपराधिक अभित्रास । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 351(3) | यदि धमकी, मृत्यु या घोर उपहति कारित करने, आदि की हो । | 7 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 351(4) | अनाम संसूचना द्वारा या वह धमकी कहां से आती है उसके छिपाने की पूर्वावधानी करके किया गया आपराधिक अभित्रास । | धारा 351(1) के अधीन दंड के अतिरिक्त, 2 वर्ष के लिए कारावास । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 352 | लोक-शांति भंग कराने को प्रकोपित करने के आशय से अपमान । | 2 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 353(1) | मिथ्या कथन, जनश्रुति, आदि को इस आशय से परिचालित करना कि विद्रोह हो या लोक-शान्ति के विरुद्ध अपराध हो । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 353(2) | मिथ्या कथन, जनश्रुति, आदि इस आशय से कि विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य पैदा हो । | 3 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 353(3) | पूजा के स्थान, आदि में किया गया मिथ्या कथन, जनश्रुति, आदि इस आशय से कि शत्रुता, घृणा या वैमनस्य पैदा हो । | 5 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना । | संज्ञेय | अजमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 354 | व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा, कराया गया कार्य । | 1 वर्ष के लिए कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 355 | मत्तता की हालत में लोक स्थान, आदि में प्रवेश करना और किसी व्यक्ति को क्षोभ कारित करना । | 24 घंटे के लिए सादा कारावास, या 1000 रुपए का जुर्माना, या दोनों या दोनों या सामुदायिक सेवा । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
| 356(2) | राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति या राज्य के राज्यपाल या संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक या मंत्री के विरुद्ध मानहानि जो उसके लोककृत्यों के निर्वहन में उसके आचरण के बारे में हो, जब लोक अभियोजक ने परिवाद संस्थित किया हो । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों या सामुदायिक सेवा । | असंज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 356(2) | किसी अन्य मामले में मानहानि । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास या जुर्माना या दोनो या सामुदायिक सेवा । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 356(3) | राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति या राज्य के राज्यपाल या संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक या मंत्री के विरुद्ध मानहानिकारक जानते हुए ऐसी बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना जो उसके लोककृत्यों के निर्वहन में उसके आचरण के बारे में हो, जब लोक अभियोजक ने परिवाद संस्थित किया हो । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 356(3) | किसी अन्य मामले में मानहानिकारक जानते हुए, किसी बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 356(4) | मानहानिकारक विषय अन्तर्विष्ट रखने वाले मुद्रित या उत्कीर्ण पदार्थ का, यह जानते हुए विक्रय कि उसमें राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति या राज्य के राज्यपाल या संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक या मंत्री के विरुद्ध उसके लोककृत्यों के निर्वहन में उसके आचरण के बारे में ऐसा विषय अंतर्विष्ट है, जब लोक अभियोजक ने परिवाद संस्थित किया हो । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| 356(4) | किसी अन्य मामले में मानहानिकारक बात को अंतर्विष्ट रखने वाले मुद्रित या उत्कीर्ण पदार्थ का यह जानते हुए विक्रय कि उसमें ऐसा विषय अंतर्विष्ट है । | 2 वर्ष के लिए सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट |
| 357 | किशोरावस्था या चित्तविकृति या रोग के कारण असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने या उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए आबद्ध होते हुए उसे करने का स्वेच्छया लोप । | 3 मास के लिए कारावास या 5,000 रुपए का जुर्माना या दोनों । | असंज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
इन फ़िल्टरों से कोई अपराध नहीं मिला।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।