BNS धारा 87: विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी महिला को व्यपह्त करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 5: महिला और बालक के विरुद्ध अपराधों के विषय में

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87. जो कोई किसी महिला का व्यपहरण या अपहरण उसकी इच्छा के विस्दृध किसी व्यक्ति से विवाह करने के लिए उस महिला को विवश करने के आशय से या वह विवश की जाएगी यह सम्भाव्य जानते हुए या अयुक्त संभोग करने के लिए उस महिला को विवश या विक्षुब्ध करने के लिए या वह महिला अयुकत संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध की जाएगी यह संभाव्य जानते हुए करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ; और जो कोई किसी महिला को किसी अन्य व्यक्ति से अयुकत संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से या वह विवश या विलुब्ध की जाएगी, यह संभाव्य जानते हुए इस संहिता में यथापरिभाषित आपराधिक अभित्रास द्वारा या प्राधिकार के दुरुपयोग या विवश करने के अन्य साधन द्वारा उस महिला को किसी स्थान से जाने को उत्प्रेरित करेगा, वह मी पूर्वॉक्त प्रकार से दण्डित किया जाएगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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