BNS धारा 226: विधिविरुद्ध शक्ति का प्रयोग करने या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए आत्महत्या करने का प्रयास
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 13: लोक सेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के अवमान के विषय में
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226. जो कोई किसी लोक सेवक को अपने शासकीय कर्तव्य करने या शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन करने से विरत रहने के आशय से या करने हेतु आत्महत्या का प्रयत्न करता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों सै, या सामुदायिक सेवा से दंडनीय होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 206. समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
- 207. समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना
- 208. लोक सेवक का आदेश न मानकर गैर-हाजिर रहना
- 209. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के अधीन किसी उद्घोषणा के उत्तर मैं गैर-हाजिरी
- 210. दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को पेश करने का लोप
- 211. विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को सूचना या इत्तिला देने का लोप
- 212. मिथ्या इत्तिला देना
- 213. शपथ या प्रतिज्ञान से इंकार करना, जबकि लोक सेवक द्वारा वह वैसा करने के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किया जाए
- 214. प्रश्न करने के लिए प्राधिकृत लोक सेवक का उत्तर देने से इंकार करना
- 215. कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
- 216. शपथ दिलाने या प्रतिज्ञान कराने के लिए प्राधिकृत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या प्रतिज्ञान पर मिथ्या कथन
- 217. इस आशय से मिथ्या इत्तिलानामा देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति को क्षति करने के लिए करे
- 218. लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोध
- 219. लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा उपस्थित करना
- 220. लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति का अवैध क्रय या. उसके लिए अवैध बोली लगाना
- 221. लोक सेवक के लोक कृत्यों के निर्वहन में बाधा डालना
- 222. लोक सेवक की सहायता करने का लोप, जबकि सहायता देने के लिए विधि द्वारा आबद्ध हो
- 223. लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा
- 224. लोक सेवक को क्षति करने की धमकी
- 225. लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से विरत रहने के लिए किसी व्यक्ति को उत्प्रेरित करने के लिए क्षति की धमकी