BNS धारा 344: लेखा का मिथ्याकरण
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 18: दस्तावेजों और संपत्ति चिहनों संबंधी अपराधों के विषय में
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344. जो कोई, लिपिक, अधिकारी या सेवक होते हुए, या लिपिक, अधिकारी या सेवक के नाते नियोजित होते या कार्य करते हुए, किसी पुस्तक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, कागज, लेख, मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा को जो उसके नियोजक का हो या उसके नियोजक के कब्जे में हो या जिसे उसने नियोजक के लिए या उसकी ओर से प्राप्त किया हो, जानबुझकर और कपट करने के आशय से नष्ट, परिवर्तित, विकृत या मिथ्याकृत करेगा या किसी ऐसी पुस्तक, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, कागज, लेख मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा में जानबूझकर और कपट करने के आशय से कोई मिथ्या प्रविष्टि करेगा या करने के लिए दुष्प्रेरण करेगा, या उसमें से या उसमें किसी तात्विक विशिष्टि का लोप या परिवर्तन करेगा या करने का दुष्प्रेरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के अधीन किसी आरोप में, किसी विशिष्ट व्यक्ति का, जिससे कपट करना आशयित था, नाम बताए बिना या किसी विशिष्ट धनराशि का, जिसके विषय में कपट किया जाना आशयित था या किसी विशिष्ट दिन का, जिस दिन अपराध किया गया था, विनिर्देश किए बिना, कपट करने के साधारण आशय का अभिकथन पर्याप्त होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 335. मिथ्या दस्तावेज रचना
- 336. कूटरचना
- 337. न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना
- 338. मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना
- 339. धारा 337 या धारा 338 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप मैं उपयोग मैं लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना
- 340. कूटरचित दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लाना
- 341. धारा 338 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
- 342. धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिहनयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
- 343. विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रद्द, नष्ट, आदि करना
- 345. सम्पत्ति-चिह्न
- 346. क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
- 347. सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरण
- 348. सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
- 349. कूटकृत सम्पत्ति-चिह्न से चिह्नित मात्र का विक्रय
- 350. किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है