BNS धारा 151: किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 7: राज्य के विरुद्ध अपराधों के विषय में
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151. जो कोई भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपात्र की विधिपूर्ण शक्तियाँ में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए उत्प्रेरित करने या विवश करने के आशय से, ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करेगा या उसका सदोष अवरोध करेगा, या सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करेगा या उसे आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करेगा या ऐसे आतंकित करने का प्रयत्न करेगा, वह दौनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 147. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना
- 148. धारा 147 द्वारा दंडनीय अपराधों को करने का षडयंत्र
- 149. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध आदि संग्रह करना
- 150. युद्ध करने की परिकल्पना को सुकर बनाने के आशय से छिपाना
- 152. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य
- 153. भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाले किसी विदेशी राज्य के विरुद्ध युद्ध करना
- 154. भारत सरकार के साथ शांति का संबंध रखने वाले विदेशी राज्य के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करना
- 155. धारा 53 और धारा 54 मैं वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा ली गई सम्पत्ति प्राप्त करना
- 156. लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्धकैदी को निकल आगने देना
- 157. उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल आगना सहन करना
- 158. ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुड़ाना या संश्रय देना