BNS धारा 319: प्रतिरूपण द्वारा छल

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में

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319. (1) कोई व्यक्ति प्रतिरूपण द्वारा छल करता है, यह तब कहा जाता है, जब॒ वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुत: उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल करता है ।

स्पष्टीकरण--यह अपराध हो जाता है, चाहे वह व्यक्ति, जिसका प्रतिरूपण किया गया है, वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक ।

दृष्टांत

(क) क उसी नाम का अमुक धनवान बैंकर है इस अपदेश द्वारा छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।

(ख) ख, जिसकी मृत्यु हो चुकी है, होने का अपदेश करने द्वारा क छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।

(2) जो कोई प्रतिरूपण द्वारा छल करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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