BNS धारा 348: सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 18: दस्तावेजों और संपत्ति चिहनों संबंधी अपराधों के विषय में
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348. जो कोई सम्पत्ति-चिहन के कूटकरण के प्रयोजन से कोई डाई, पट्टी या अन्य उपकरण बनाएगा या अपने कब्जे में रखेगा, या यह द्योतन करने के प्रयोजन से कि कोई माल ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, किसी सम्पत्ति-चिहन को अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 335. मिथ्या दस्तावेज रचना
- 336. कूटरचना
- 337. न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना
- 338. मूल्यवान प्रतिभूति, विल, इत्यादि की कूटरचना
- 339. धारा 337 या धारा 338 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप मैं उपयोग मैं लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना
- 340. कूटरचित दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लाना
- 341. धारा 338 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
- 342. धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिहनयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
- 343. विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रद्द, नष्ट, आदि करना
- 344. लेखा का मिथ्याकरण
- 345. सम्पत्ति-चिह्न
- 346. क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
- 347. सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरण
- 349. कूटकृत सम्पत्ति-चिह्न से चिह्नित मात्र का विक्रय
- 350. किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है