सुंदरकांड पाठ और सरल हिंदी सार
गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस का सुंदरकांड पढ़ें। मंगलाचरण से दोहा 60 तक पाठ, 19 प्रसंग, दोहा सूची, सरल हिंदी सार और कठिन शब्दों के अर्थ।
सुंदरकांड रामचरितमानस का पाँचवाँ सोपान है। इसमें हनुमानजी की समुद्र यात्रा, सीता की खोज, लंका-दहन, राम से मिलन और विभीषण की शरणागति के प्रसंग आते हैं।
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कठिन शब्दों के सरल अर्थ
- कपि
- वानर
- जलधि / बारिधि
- समुद्र
- निसिचर
- राक्षस; रात में विचरण करने वाला
- बैदेही / जनकसुता
- सीता के नाम
- मुद्रिका
- अंगूठी
- कटक
- सेना
- रघुबीर
- राम
- सरनागत
- आश्रय लेने वाला
- मति
- बुद्धि
- बिनय
- विनम्र निवेदन
- तात
- स्नेह से किया गया संबोधन
- सिंधु
- समुद्र
पाठ और अर्थ के बारे में
मूल रचना गोस्वामी तुलसीदास की है; मुख्य पाठ अवधी में और आरंभिक श्लोक संस्कृत में हैं। यहाँ Banaka के सुंदरकांड ऐप का पारंपरिक पाठ दिया गया है। 19 प्रसंग पढ़ने की सुविधा के लिए बनाए गए हैं; ये रामचरितमानस के अलग अध्याय नहीं हैं। प्रसंगवार सार और शब्दार्थ Banaka की नई व्याख्याएँ हैं, प्रत्येक चौपाई का शब्दशः अनुवाद नहीं।
पाठ दोहा 60 तक है। अलग पारायण परंपराओं में जुड़े आवाहन, न्यास और आरतियाँ इस मुख्य पाठ में शामिल नहीं हैं। पाठ की किसी त्रुटि की सूचना support@banaka.in पर दें।