छल के विषय में

BNS धारा 318: छल

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में

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318.
(1) जो कोई किसी व्यक्ति से प्रवंचना कर उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रबंचित किया गया है, कपटपूर्वक या बेईमानी से उत्प्रेरित करता है कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे, या यह सम्मति दे दे कि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को रख रखे या जानबूझकर उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, उत्प्रेरित करता है कि वह ऐसा कोई कार्य करे, या करने का लोप करे, जिसे वह यदि उसे प्रत्येक प्रकार प्रबंचित न किया गया होता तो, न करता, या करने का ल्रोप न करता, और जिस कार्य या लोप से उस व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, ख्याति संबंधी या साम्पत्तिक नुकसान या अपहानि कारित होती है, या कारित होनी सभ्भाव्य है, वह छल करता है, यह कहा जाता है । स्पष्टीकरण--तथ्यों का बेईमानी से छिपाना इस धारा के अर्थ के अंतर्गत प्रवंचना है ।

दृष्टांत

(क) क सिविल सेवा में होने का मिथ्या अपदेश करके जानबूझकर य से प्रवंचना करता है, और इस प्रकार बेईमानी से य को उत्प्रेरित करता है कि वह उसे उधार पर मात्र ले लेने दे, जिसका मूल्य चुकाने का उसका इरादा नहीं है । क छल करता है ।

(ख) क एक वस्तु पर कूटकृत चिहन बनाकर य से जानबूझकर प्रवंचना करके उसे यह विश्वास कराता है कि वह वस्तु किसी प्रसिद्ध विनिर्माता द्वारा बनाई गई है, और इस प्रकार उस वस्तु का क्रय करने और उसका मूल्य चुकाने के लिए य को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है । क छल करता है ।

(ग) क, य को किसी वस्तु का, नकली सैम्पल दिखलाकर य से जानबूझकर प्रवंचना करके उसे यह विश्वास कराता है कि वह वस्तु उस सैम्पल के अनुरूप है, और तद्‌द्वारा उस वस्तु को खरीदने और उसका मूल्य चुकाने के लिए य को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है । क छल करता है ।

(घ) क किसी वस्तु का मूल्य देने में ऐसी कोठी पर हुंडी करके, जहां क का कोई धन जमा नहीं है, और जिसके द्वारा क को हुंडी का अनादर किए जाने की प्रत्याशा है, आशय से य की प्रवंचना करता है, और तदद्वारा बेईमानी से य को उत्प्रेरित करता है कि वह वस्तु परिदतत कर दे जिसका मूल्य चुकाने का उसका आशय नहीं है । क छल करता है ।

(ङ) क ऐसे नगों को, जिनको वह जानता है कि वे हीरे नहीं हैं, हीरों के रूप में गिरवी रखकर य से जानबूझकर प्रवंचना करता है, और तदद्वारा धन उधार देने के लिए य को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है । क छल करता है ।

(च) क जानबूझकर प्रवंचना करके य को यह विश्वास कराता है कि क को जो धन य उधार देगा उसे वह चुका देगा, और तद्द॒वारा बेईमानी से य को उत्प्रेरित करता है कि वह उसे धन उधार दे दे, जबकि क का आशय उस धन को चुकाने का नहीं है । क छल करता है ।

(छ) क, य से जानबूझकर प्रवंचना करके यह विश्वास दिल्राता है कि क का इरादा य को नील के पौधों का एक निश्चित परिमाण परिदत करने का है, जिसको परिदत करने का उसका आशय नहीं है, और तद्द्वारा ऐसे परिदान के विश्वास पर अग्रिम धन देने के लिए य को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है । क छल करता है । यदि क धन अभिप्राप्त करते समय नील परिदत करने का आशय रखता हो, और उसके पश्चात्‌ अपनी संविदा अंग कर दे और वह उसे परिदत न करे, तो वह छल नहीं करता है, किंतु संविदा भंग करने के लिए केवल सिविल कार्यवाही के दायित्व के अधीन है ।

(ज) क जानबूझकर प्रवंचना करके य को यह विश्वास दिलाता है कि क ने य के साथ की गई संविदा के अपने आग का पालन कर दिया है, जब कि उसका पालन उसने नहीं किया है, और तद्द्वारा य को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है कि वह धन दे । क छल करता है ।

(झ) क, ख को एक संपदा बेचता है और हस्तांतरित करता है । क यह जानते हुए कि ऐसे विक्रय के परिणामस्वरूप उस संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं है, ख को किए गए पूर्व विक्रय और हस्तांतरण के तथ्य को प्रकट न करते हुए उसे य के हाथ बेच देता है या बंधक रख देता है, और य से विक्रय या बंधक धन प्राप्त कर लेता है । क छल करता है ।

(2) जो कोई छल करेगा, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

(3) जो कोई इस ज्ञान कै साथ छल करेगा कि यह सम्भआव्य है कि वह तदूद्वारा उस व्यक्ति को सदोष हानि पहुंचाए, जिसका हित उस संव्यवहार में जिससे वह छल संबंधित है, संरक्षित रखने के लिए वह या तो विधि द्वारा, या वैध संविदा द्वारा, आबद्ध था, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(4) जो कोई छल करेगा, और तद्द॒वारा उस व्यक्ति को, जिसे प्रवंचित किया गया है, बेईमानी से उत्प्रेरित करेगा कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे, या किसी भी मूल्यवान प्रतिभूति को, या किसी चीज को, जो हस्ताक्षरित या मुद्रांकित है, और जो मूल्यवान प्रतिभूति में संपरिवर्तित किए जाने योग्य है, पूर्णतः: या अंशत: रच दे, परिवर्तित कर दे, या नष्ट कर दे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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