BNS धारा 148: धारा 147 द्वारा दंडनीय अपराधों को करने का षडयंत्र
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 7: राज्य के विरुद्ध अपराधों के विषय में
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148. जो कोई धारा 147 द्वारा दंडनीय अपराधों में से कोई अपराध करने के लिए भारत के भीतर या बाहर षडडयंत्र करेगा या केंद्रीय सरकार को या किसी राज्य की सरकार को आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करने का षड्यंत्र करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के अधीन षडइयंत्र गठित होने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उसके अनुसरण में कोई कार्य या अवैध लोप गठित हुआ हो ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 147. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना
- 149. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध आदि संग्रह करना
- 150. युद्ध करने की परिकल्पना को सुकर बनाने के आशय से छिपाना
- 151. किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोधित करने के आशय से राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
- 152. भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य
- 153. भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाले किसी विदेशी राज्य के विरुद्ध युद्ध करना
- 154. भारत सरकार के साथ शांति का संबंध रखने वाले विदेशी राज्य के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करना
- 155. धारा 53 और धारा 54 मैं वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा ली गई सम्पत्ति प्राप्त करना
- 156. लोक सेवक का स्वेच्छया राजकैदी या युद्धकैदी को निकल आगने देना
- 157. उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल आगना सहन करना
- 158. ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुड़ाना या संश्रय देना