विरासत और संपत्ति के अधिकार
एक ही परिवार में पिता की अलग संपत्ति, सहदायिकी हिस्सा और माँ से मिली विरासत के नियम अलग हो सकते हैं। पहले संपत्ति और लागू कानून पहचानें, फिर वारिस और अंश देखें।
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- पिता की संपत्ति में बेटी का अधिकारबेटी का जन्म से सहदायिकी अधिकार और पिता की अलग संपत्ति की विरासत अलग समझें; विवाह और 2005 संशोधन की भूमिका जानें।
- बिना वसीयत मृत्यु होने पर संपत्ति किसे मिलती है?हिन्दू पुरुष की निर्वसीयती संपदा में वर्ग I, वर्ग II और शाखा-अंश समझें; यही सूची महिला की संपत्ति पर क्यों नहीं लगती, जानें।
- माँ की संपत्ति किसे मिलती है?धाराएँ 14–16 से महिला का स्वामित्व, सामान्य निर्वसीयती क्रम और माता-पिता या पति के परिवार से विरासत में मिली संपत्ति के अपवाद समझें।
उत्तर तक पहुँचने के चार चरण
- कौन-सा उत्तराधिकार कानून लागू है? व्यक्तिगत कानून, राज्य व्यवस्था और अपवाद जाँचें।
- मृतक का अपना स्वामित्व-अंश कितना है? दूसरे स्वामी की संपत्ति को शामिल न करें।
- क्या इस संपत्ति की प्रभावी वसीयत है? जीवित स्वामी, वसीयती और निर्वसीयती प्रश्न अलग हैं।
- कौन जीवित था और कौन-सी पूर्व-मृत संतान की शाखा है? महिला की संपत्ति में प्राप्ति का स्रोत भी देखें।
यह क्रम कब लागू है?
ये केंद्रीय HSA के उदाहरण हैं। धारा 2 में लागू होने की शर्तें और अनुसूचित जनजातियों का अपवाद, धारा 5 की संपत्तियाँ, धारा 17 की विशेष व्यवस्था तथा राज्य कानून अलग जाँचें। उत्तराखंड के लागू UCC जैसे कानून उत्तराधिकार का क्रम बदल सकते हैं। उत्तराखंड का आधिकारिक UCC संदर्भ →
केवल संदर्भ के लिए; कानूनी सलाह नहीं। आधिकारिक HSA स्रोत →