BNS धारा 196: धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, इत्यादि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूत्र प्रभाव डालने वाले कार्य करना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 11: लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों के विषय में
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196.
(1) जो कोई, --
(क) बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्यरूपणों द्वारा या अन्यथा विशिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियाँ या समुदायों के बीच असौहार्द या शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की आवनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर संप्रवर्तित करेगा या संप्रवर्तित करने का प्रयत्न करेगा ; या
(ख) कोई ऐसा कार्य करेगा, जो विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियों या समुदायों के बीच सौंहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है और जो लोक-प्रशान्ति में विघ्न डालता है या जिससे उसमें विघ्न पड़ना सम्भाव्य हो ; या
(ग) कोई ऐसा अभ्यास, आन्दोलन, कवायद या अन्य वैसा ही क्रियाकलाप इस आशय से संचालित करेगा कि ऐसे क्रियाकलाप में भाग लेने वाले व्यक्ति किसी धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूह या जाति या समुदाय के विरुद्ध आपराधिक बल या हिंसा का प्रयोग करेँगे या प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे या यह सम्भ्राव्य जानते हुए संचालित करेगा कि ऐसे क्रियाकलाप में भाग लेने वाले व्यक्ति आपराधिक बल या हिंसा का प्रयोग करेंगे या प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे या ऐसे क्रियाकलाप में इस आशय से भाग लेगा कि आपराधिक बल या हिंसा का प्रयोग करेंगे या प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए भाग लेगा कि ऐसे क्रियाकलाप में भाग लेने वाले व्यक्ति आपराधिक बल या हिंसा का प्रयोग करेँगे या प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे और ऐसे क्रियाकलाप से ऐसी धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूह या जाति या समुदाय के सदस्यों के बीच, चाहे किसी भी कारण से, भय या संत्रास या असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है या उत्पन्न होनी सम्भाव्य है ; वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा ।
(2) जो कोई उपधारा (1) मं विनिर्दिष्ट अपराध, किसी पूजा के स्थान में या किसी जमाव में, जो धार्मिक पूजा या धार्मिक कर्म करने में लगा हुआ हो, करेगा, वह कारावास से, जो पांच वर्ष तक का हो सकेगा, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 189. विधिविरुद्ध जमाव
- 190. विधिविरुद्ध जमाव का प्रत्येक सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने के लिए किए गए अपराध का दोषी
- 191. बल्वा करना
- 192. बल्वा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना- यदि बल्वा किया जाए; यदि बल्वा न किया जाए
- 193. उस भूमि के स्वामी, अधिभोगी, आदि, जिस पर विधिविरुद्ध जमाव या बल्वा किया गया है, का दायित्व
- 194. दंगा
- 195. लौक सेवक जब बल्वे इत्यादि को दबा रहा हो, तब उस पर हमला करना या उसे बाधित करना
- 197. राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, प्राख्यान