BNS धारा 355: मत्त व्यक्ति द्वारा लोक स्थान मैं अवचार
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 19: आपराधिक अभित्रास, अपमान, मानहानि, आदि के विषय में
अन्य भाषाओं में भी: English
355. जो कोई मत्तता की हालत में किसी लोक स्थान में, या किसी ऐसे स्थान में, जिसमें उसका प्रवेश करना अतिचार हो, आएगा और वहां इस प्रकार का आचरण करेगा जिससे किसी व्यक्ति को क्षोभ हो, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि चौबीस घंटे तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, या सामुदायिक सेवा से, दंडित किया जाएगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 351. आपराधिक अभित्रास
- 352. लोकशांति भंग कराने को प्रकोपित करने के आशय से जानबूझकर अपमान
- 353. लोक रिष्टिकारक वक्तव्य
- 354. व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा, कराया गया कार्य
- 356. मानहानि
- 357. असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने की और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग के विषय में