BNS धारा 199: लोक सेवक, जो विधि के अधीन निदेश की अवज्ञा करता है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 12: लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय में
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199. जो कोई, लोक सेवक होते हुए,--
(क) विधि के किसी ऐसे निदेश की, जो उसको किसी अपराध या किसी अन्य मामले में अन्वेषण के प्रयोजन के लिए, किसी व्यक्ति को किसी स्थान पर उपस्थिति की अपेक्षा किए जाने से प्रतिषिदूध करता है, जानते हुए अवज्ञा करेगा ; या
(ख) किसी ऐसी रीति को, जिसमें वह ऐसा अन्वेषण करेगा, विनियमित करने वाली विधि के किसी अन्य निदेश की, किसी व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए, जानते हुए अवज्ञा करेगा ; या
(ग) धारा 64, धारा 65, धारा 66, धारा 67, धारा 68, धारा 70, धारा 71, धारा 74, धारा 76, धारा 77, धारा 79, धारा 124, धारा 143 या धारा 144 के अधीन दंडनीय संज्ञेय अपराध के संबंध में उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173 की उपधारा (1) के अधीन दी गई किसी सूचना को लेखबद्ध करने में असफल रहेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि छह मास से कम की नहीं होगी, किंतु जो दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 198. लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है
- 200. पीड़ित का उपचार न करने के लिए दंड
- 201. लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है
- 202. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से व्यापार में ्रगा है
- 203. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
- 204. लोक सेवक का प्रतिरूपण
- 205. कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना