BNS धारा 51: दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 4: दुष्प्रेरण, आपराधिक षड़यंत्र और प्रयास के विषय में
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51. जब किसी एक कार्य का दुष्प्रेरण किया जाता है, और कोई भिन्न कार्य किया जाता है, तब दुष्प्रकक उस किए गए कार्य के लिए उसी प्रकार से और उसी विस्तार तक दायित्व के अधीन है, मानो उसने सीधे उसी कार्य का दुष्परेरण किया हो :
परन्तु यह तब जब कि किया गया कार्य दुष्प्रेरण का अधिसम्भाव्य परिणाम था और उस उकसाहट के असर के अधीन या उस सहायता से या उस पइयंत्र कै अनुसरण में किया गया था जिससे वह दुष्प्रेरण गठित होता है ।
दृष्टान्त
(क) एक बालक को य के भोजन में विष डालने के लिए क उकसाता है, और उस प्रयोजन से उसे विष परिदत करता है । वह बालक उस उकसाहट के परिणामस्वरूप भूल से मम के भोजन में, जो य के भोजन के पास रखा हुआ है, विष डाल दैता है । यहां, यदि वह बालक क के उकसाने के असर के अधीन उस कार्य को कर रहा था, और किया गया कार्य उन परिस्थितियों में उस दुष्प्ररण का अधिसम्भाव्य परिणाम है, तो क उसी प्रकार और उसी विस्तार तक दायित्व के अधीन है, मानो उसने उस बालक को म के भोजन में विष डालने के लिए उकसाया हो ।
(ख) ख को य का गृह जलाने के लिए क उकसाता है । ख उस गृह को आग लगा देता है और उसी समय वहां सम्पत्ति की चोरी करता है । क यद्यपि गृह को जलाने के दुष्प्रेरण का दोषी है, किन्तु चोरी के दुष्प्रेरण का दोषी नहीं है ; क्योंकि वह चोरी एक अलग कार्य थी और उस गृह जलाने का अधिसम्भाव्य परिणाम नहीं थी ।
(ग) ख और ग को बसे हुए गृह में अर्धरात्रि में लूट के प्रयोजन से भेदन करने के लिए क उकसाता है, और उनको उस प्रयोजन के लिए आयुध देता है । ख और ग वह गृह-भेदन करते हैं, और य द्वारा जो निवासियों में से एक है, प्रतिरोध किए जाने पर, य की हत्या कर देते हैं । यहां, यदि वह हत्या उस दुष्प्रेरण का अधिसम्भाव्य परिणाम थी, तो क हत्या के लिए उपबन्धित दण्ड से दण्डनीय है ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 45. किसी बात का दुष्प्रेरण
- 46. दुष्प्रेरक
- 47. भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
- 48. भारत में अपराधों का भारत से बाहर दुष्प्रेरण
- 49. दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए, और जहां कि उसके दण्ड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं है
- 50. दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है
- 52. दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के ल्रिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
- 53. दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेर का दायित्व जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न हो
- 54. अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति
- 55. मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण
- 56. कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण
- 57. लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण
- 58. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
- 59. किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
- 60. कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
- 61. आपराधिक षड़यंत्र
- 62. आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दण्ड