BNS धारा 191: बल्वा करना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 11: लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों के विषय में
अन्य भाषाओं में भी: English
191.
(1) जब कभी विधिविरुद्ध जमाव द्वारा या उसके किसी सदस्य द्वारा ऐसे जमाव के सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में बल या हिंसा का प्रयोग किया जाता है, तब ऐसे जमाव का प्रत्येक सदस्य बल्वा करने के अपराध का दोषी होगा ।
(2) जो कोई बल्वा करने का दोषी होगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
(3) जो कोई घातक आयुध से, या किसी ऐसी चीज से, जिससे आक्रामक आयुध के रूप में उपयोग किए जाने पर मृत्यु कारित होनी संभाव्य हो, सज्जित होते हुए बल्वा करने का दोषी होगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 189. विधिविरुद्ध जमाव
- 190. विधिविरुद्ध जमाव का प्रत्येक सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने के लिए किए गए अपराध का दोषी
- 192. बल्वा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना- यदि बल्वा किया जाए; यदि बल्वा न किया जाए
- 193. उस भूमि के स्वामी, अधिभोगी, आदि, जिस पर विधिविरुद्ध जमाव या बल्वा किया गया है, का दायित्व
- 194. दंगा
- 195. लौक सेवक जब बल्वे इत्यादि को दबा रहा हो, तब उस पर हमला करना या उसे बाधित करना
- 196. धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, इत्यादि के आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूत्र प्रभाव डालने वाले कार्य करना
- 197. राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, प्राख्यान