BNS धारा 106: उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 6: मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले अपराधों के विषयों में

अन्य भाषाओं में भी: English

106. (1) जो कोई उतावलेपन से या उपैक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।

(2) जो कोई, यान के उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण चालन से, किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है और घटना के तत्काल पश्चात्‌, इसे पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट किए बिना, निकलकर भागेगा, किसी भी भांति के ऐसी अवधि के कारावास से, जो दस वर्ष तक का हो सकेगा, दंडित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ