BNS धारा 55: मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 4: दुष्प्रेरण, आपराधिक षड़यंत्र और प्रयास के विषय में
अन्य भाषाओं में भी: English
55. जो कोई मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध किए जाने का दुष्प्रैरण करेगा, यदि वह अपराध उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप न किया जाए, और ऐसे दुष्प्रेरण के देण्ड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबन्ध इस संहिता में नहीं किया गया है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ; और यदि ऐसा कोई कार्य कर दिया जाए, जिसके लिए दुष्प्रेरक उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप दायित्व के अधीन हो और जिससे किसी व्यक्ति को उपहति कारित हो, तो दुष्प्रेरक दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि चौंदह वर्ष की हो सकेगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
दृष्टांत
ख को य की हत्या करने के लिए क उकसाता है । वह अपराध नहीं किया जाता है । यदि य की हत्या ख कर देता है, तो वह मृत्यु या आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डनीय होता । इसलिए, क कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय है और जुर्माने से भी दण्डनीय है ; और यदि दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप य को कोई उपहति हो जाती है, तो वह कारावास से, जिसकी अवधि चौंदह वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 45. किसी बात का दुष्प्रेरण
- 46. दुष्प्रेरक
- 47. भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
- 48. भारत में अपराधों का भारत से बाहर दुष्प्रेरण
- 49. दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए, और जहां कि उसके दण्ड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं है
- 50. दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है
- 51. दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है
- 52. दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के ल्रिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
- 53. दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेर का दायित्व जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न हो
- 54. अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति
- 56. कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण
- 57. लोक साधारण द्वारा या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण
- 58. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
- 59. किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
- 60. कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
- 61. आपराधिक षड़यंत्र
- 62. आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने के प्रयत्न करने के लिए दण्ड