BNS धारा 188: टकसाल से सिक्का बनाने का उपकरण विधिविरुद्ध रूप से लेना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 10: सिक्कों, करेंसी नोटों, बैंक नोटों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के विषय में
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188. जो कोई भारत में विधिपूर्वक स्थापित किसी टकसाल में से सिक्का बनाने के किसी औजार या उपकरण को विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना बाहर निकाल लाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 178. सिक्कों, सरकारी स्टांपों, करेंसी नोटों या बैंक नोटों कूटकरण
- 179. कूटरचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट को असली के रूप मैं उपयोग करना
- 180. कूटचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना
- 181. लिखत या कूटरचना के लिए सामग्री या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों बनाना या कब्जे में रखना
- 182. करेंसी नोटों या बैंक नोटों के सदृश रखने वाले दस्तावेजों की रचना या उपयोग
- 183. सरकार को हानि कारित करने के आशय से, उस पदार्थ पर से, जिस पर सरकारी स्टाम्प जगा हुआ है, लेख मिटाना या दस्तावेज से वह स्टाम्प हटाना, जो उसके लिए उपयोग मैं लाया गया है
- 184. ऐसे सरकारी स्टाम्प का उपयोग जिसके बारे में ज्ञात है कि उसका पहले उपयोग हो चुका है
- 185. स्टाम्प के उपयोग किए जा चुकने के द्योतक चिह्न का छीलकर मिटाना
- 186. बनावटी स्टाम्पों का प्रतिषेध
- 187. टकसाल में नियोजित व्यक्ति द्वारा सिक्के का उस वजन या मिश्रण से भिन्न कारित किया जाना जो विधि द्वारा नियत है