Bबनाका ऐप स्टूडियो

TPA अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

अन्य भाषाओं में भी: English

सरल भाषा में मार्गदर्शक

इस अध्याय का विषय

पहले अंतरक के अधिकार और अंतरित हित को पहचानें; केवल भुगतान और कब्जे से हर प्रश्न का उत्तर नहीं मिलता।

मुख्य प्रावधान

  1. धारा 5. संपत्ति के अंतरण की परिभाषा
  2. धारा 6. क्या अंतरित किया जा सकेगा
  3. धारा 7. अन्तरण करने के लिए सक्षम व्यक्ति
  4. धारा 8. अन्तरण का प्रभाव
  5. धारा 9. मौखिक अंतरण
  6. धारा 10. अन्य-संक्रामण अवरुद्ध करने वाली शर्त
  7. धारा 11. स्रष्ट हित के विरुद्ध निर्बन्धन
  8. धारा 12. दिवाले या प्रयतित अन्य-संक्रामण पर हित को पर्यवसेय बनाने वाली शर्त
  9. धारा 13. अजात व्यक्ति के फायदे के लिए अंतरण
  10. धारा 14. शाश्वतता के विरुद्ध नियम
  11. धारा 15. उस वर्ग को अंतरण, जिसमें के कुछ व्यक्ति धारा 13 और 14 के अन्दर जाते हैं
  12. धारा 16. अन्तरण का किसी पूर्विक हित की निष्फलता पर प्रभावी होना
  13. धारा 17. संचयन के लिए निवेश
  14. धारा 18. लोक के फायदे के लिए शाश्वतिक अंतरण
  15. धारा 19. निहित हित
  16. धारा 20. अजात व्यक्ति अपने फायदे के लिए किए गए अन्तरण पर कब निहित हित अर्जित करता है
  17. धारा 21. समाश्रित हित
  18. धारा 22. किसी वर्ग के ऐसे सदस्यों को अन्तरण जो किसी विशिष्ट आयु को प्राप्त करें
  19. धारा 23. अंतरण जो, विनिर्दिष्ट अनिश्चित घटना के घटित होने पर समाश्रित है
  20. धारा 24. निश्चित व्यक्तियों में से ऐसे व्यक्तियों को अन्तरण जो अविनिर्दिष्ट कालावधि पर उत्तरजीवी हों
  21. धारा 25. सशर्त अन्तरण
  22. धारा 26. पुरोभावय शर्त की पूर्ति
  23. धारा 27. एक व्यक्ति को सशर्त अन्तरण ऐसे अन्तरण के साथ जो पूर्विक व्ययन के निष्फल होने पर दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हो जाएगा
  24. धारा 28. परवर अन्तरण का विनिर्दिष्ट घटना के घटित होने या न होने की शर्त पर आश्रित होना
  25. धारा 29. उत्तरभाव्य शर्त की पूर्ति
  26. धारा 30. पूर्विक व्ययन का परतर व्ययन की अविधिमान्यता द्वारा प्रभावित न होना
  27. धारा 31. यह शर्त की अन्तरण विनिर्दिष्ट अनिश्चित घटना के घटित होने या न होने की दशा में प्रभावी न रहेगा
  28. धारा 32. ऐसी शर्त अविधिमान्य नहीं होनी चाहिए
  29. धारा 33. कार्य करने की शर्त पर अन्तरण जबकि उस कार्य के करने के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट नहीं है
  30. धारा 34. कार्य करने की शर्त पर आश्रित अन्तरण जबकि समय विनिर्दिष्ट है
  31. धारा 35. निर्वाचन कब आवश्यक है
  32. धारा 36. हकदार व्यक्ति के हित के पर्यवसान पर कालिक संदायों का प्रभाजन
  33. धारा 37. विभाजन पर बाध्यता के फायदे का प्रभाजन
  34. धारा 38. कुछ परिस्थितियों में ही अन्तरण करने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा अन्तरण
  35. धारा 39. अन्तरण, जहाँ कि अन्य व्यक्ति भरण-पोषण का हकदार है
  36. धारा 40. भूमि के उपयोग पर निर्बन्धन लगाने वाली बाध्यता का या स्वामित्व से उपाबद्ध
  37. धारा 41. दृश्यमान स्वामी द्वारा अन्तरण
  38. धारा 42. पूर्वत्तर अन्तरण का प्रतिसंहरण करने का प्राधिकार रखने वाले व्यक्ति द्वारा अन्तरण
  39. धारा 43. अप्राधिकृत व्यक्ति द्वारा अन्तरण, जो अन्तरित सम्पत्ति में पीछे हित अर्जित कर लेता है
  40. धारा 44. एक सह-स्वामी द्वारा अन्तरण
  41. धारा 45. प्रतिफलार्थ संयुक्त अन्तरण
  42. धारा 46. सुभिन्न हित रखने वाले व्यक्तियों द्वारा प्रतिफलार्थ अन्तरण
  43. धारा 47. सामान्य सम्पत्ति में के अंश का सह-स्वामियों द्वारा अन्तरण
  44. धारा 48. अन्तरण द्वारा सृष्ट अधिकारों की पूर्विकता
  45. धारा 49. बीमा पालिसी के अधीन अन्तरिती का अधिकार
  46. धारा 50. त्रुटियुक्त हक के अधीन धारक को सद्भावपूर्वक दिया गया भाटक
  47. धारा 51. त्रुटियुक्त हकों के अधीन सद्भावपूर्वक धारकों द्वारा की गयी अभिवृद्धियाँ
  48. धारा 52. सम्पत्ति-संबंधी वाद के लम्बित रहते हुए सम्पत्ति का अन्तरण
  49. धारा 53. कपटपूर्ण अन्तरण
  50. धारा 53A. भागिक पालन

अभ्यास प्रश्न

अध्याय 2: अभ्यास

उत्तर चुनें और जाँचें। अंक आपके ब्राउज़र में रहते हैं। हर व्याख्या संबंधित धारा से जुड़ी है।

  1. 1.क्या धारा 6(क) के अधीन विरासत पाने की मात्र संभावना अंतरित हो सकती है?
  2. 2.क्या भागिक पालन स्वयं स्वामित्व अंतरित करता है?

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें