Bबनाका ऐप स्टूडियो

TPA धारा 50: त्रुटियुक्त हक के अधीन धारक को सद्भावपूर्वक दिया गया भाटक

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

अध्याय मार्गदर्शक पढ़ें और अभ्यास करें →

अन्य भाषाओं में भी: English

50. त्रुटियुक्त हक के अधीन धारक को सद्भावपूर्वक दिया गया भाटक-

किसी भी व्यक्ति पर किसी स्थावर सम्पत्ति के ऐसे भाटकों या लाभों का प्रभार न डाला जा सकेगा जो उसने सद्भावपूर्वक किसी ऐसे व्यक्ति को दे दिए हैं या परिदत्त कर दिए हैं, जिससे उसने ऐसी सम्पत्ति को असद्भावपूर्वक धारित कर रखा था, यद्यपि पीछे यह प्रतीत हो कि वह व्यक्ति, जिसे ऐसा संदाय या परिदान किया गया था, ऐसे भाटकों या लाभों को प्राप्त करने का अधिकार नहीं रखता था।

दृष्टान्त

ख को क एक खेत 50 रुपए भाटक पर देता है और फिर खेत ग को अन्तरित करता है। ख अन्तरण की काई सूचना न रखते हुए सद्भावपूर्वक क को भाटक देता है। ख इस प्रकार दिए गए भाटक से प्रभार्य नहीं है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ