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TPA धारा 25: सशर्त अन्तरण

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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25. सशर्त अन्तरण -

 सम्पत्ति अन्तरण से सृष्ट और किसी शर्त पर निर्भर हित निष्फल हो जाता है, यदि उस शर्त की पूर्ति संभव हो, या विधि द्वारा निषिद्ध हो या ऐसी प्रकृति की हो कि यदि वह अनुज्ञात की जाए तो वह किसी विधि के उपबन्धों को विफल कर देगी या कपटपूर्ण हो, या ऐसी हो जिनमें किसी दूसरे के शरीर या सम्पत्ति को क्षति अन्तर्वलित या अन्तर्हित हो, या जिसे न्यायालय अनैतिक या लोकनीति के विरुद्ध समझता हो।

दृष्टांत

(क ) ख  को क कोई खेत पट्टे पर इस शर्त पर देता है कि वह एक घंटे में 100 मील पैदल चले। पट्टा शून्य है।

(ख) ख को क 500 रुपए इस शर्त पर देता है कि वह क की पुत्री ग से विवाह करे। अन्तरण की तारीख पर ग की मृत्यु हो चुकी थी। अन्तरण शून्य है।

(ग) ख को क 500 रुपए इस शर्त पर अन्तरित करता है कि वह ग की हत्या करे। अन्तरण शून्य है।

(घ) क अपनी भतीजी ग को 500 रुपए इस शर्त पर अन्तरित करता है कि वह अपने पति का अभित्याग कर दे । अन्तरण शून्य है ।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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