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TPA धारा 13: अजात व्यक्ति के फायदे के लिए अंतरण

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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13. अजात व्यक्ति के फायदे के लिए अंतरण -

जहां कि सम्पत्ति के अन्तरण पर उस संपत्ति में कोई हित उसी अंतरण द्वारा सृष्ट किसी पूर्विक हित के अध्यधीन ऐसे व्यक्ति के फायदे के लिए, जो अंतरण की तारीख को अस्तित्व में न हो, सृष्ट किया जाता है; वहां ऐसे व्यक्ति के फायदे के लिए सृष्ट हित प्रभावी न होगा जब कि उसका विस्तार सम्पत्ति में अन्तरक के सम्पूर्ण अवशिष्ट हित पर न हो।

दृष्टांत

क उस सम्पत्ति को, जिसका वह स्वामी है, ख को अनुक्रमशः अपने और अपनी आशयित पत्नी के जीवनपर्यन्त के लिए और उत्तरजीवी की मृत्यु के पश्चात् आशयित विवाह से ज्येष्ठ पुत्र के जीवनपर्यन्त के लिए और उसकी मृत्यु के पश्चात् क के दूसरे पुत्र के लिए न्यास के रूप में अन्तरित करता है। ज्येष्ठ पुत्र के फायदे के लिए इस प्रकार सृष्ट हित प्रभावशील नहीं होता है क्योकि उसका विस्तार उस सम्पत्ति में क के सम्पूर्ण अवशिष्ट हित पर नहीं है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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