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TPA धारा 20: अजात व्यक्ति अपने फायदे के लिए किए गए अन्तरण पर कब निहित हित अर्जित करता है

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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20. अजात व्यक्ति अपने फायदे के लिए किए गए अन्तरण पर कब निहित हित अर्जित करता है -

जहां कि संपत्ति- अंतरण से उस संपत्ति में कोई हित ऐसे व्यक्ति के फायदे के लिए सृष्ट किया जाता है जो उस समय अजात है वहाँ, जब तक कि अन्तरण के निर्बन्धनों से कोई तत्प्रतिकूल आशय प्रतीत न होता हो, वह अपना जन्म होने पर निहित हित अर्जित कर लेता है, यद्यपि उसे यह हक न हो कि वह अपने जन्म से ही उसका उपभोग करने लगे।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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