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TPA अध्याय 3: स्थावर संपत्ति का विक्रय

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इस अध्याय का विषय

विक्रय कीमत के बदले स्वामित्व का अंतरण है। विक्रय की संविदा अपने-आप संपत्ति में हित या भार सृष्ट नहीं करती।

मुख्य प्रावधान

  1. धारा 54. विक्रय' की परिभाषा
  2. धारा 55. क्रेता और विक्रेता के अधिकार और दायित्व
  3. धारा 56. पाश्चिक क्रेता द्वारा क्रमबन्धन
  4. धारा 57. विल्लंगमों और उनसे मुक्त विक्रय के लिए न्यायालय द्वारा उपबन्ध

अभ्यास प्रश्न

अध्याय 3: अभ्यास

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  1. 1.धारा 54 में विक्रय की संविदा अपने-आप क्या सृष्ट करती है?
  2. 2.क्या विक्रय की परिभाषा में पूरी कीमत पहले ही संदत्त होनी चाहिए?

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें