Bबनाका ऐप स्टूडियो

TPA धारा 28: परवर अन्तरण का विनिर्दिष्ट घटना के घटित होने या न होने की शर्त पर आश्रित होना

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

अध्याय मार्गदर्शक पढ़ें और अभ्यास करें →

अन्य भाषाओं में भी: English

28. परवर अन्तरण का विनिर्दिष्ट घटना के घटित होने या न होने की शर्त पर आश्रित होना -

सम्पत्ति अन्तरण से उस सम्पत्ति में कोई हित किसी व्यक्ति के लिए इस अधियोजित शर्त के साथ प्रोद्भूत होने के लिए सृष्ट किया जा सकेगा कि विनिर्दिष्ट अनिश्चित घटना के घटित होने की दशा में ऐसा हित किसी अन्य व्यक्ति को संक्रान्त हो जाएगा या विनिर्दिष्ट अनिश्चित घटना के घटित न होने की दशा में ऐसा हित किसी अन्य व्यक्ति को संक्रांत हो जाएगा। हर एक दशा में के व्ययन धारा 10, 12, 21, 22, 23, 24, 25 और 27 में अन्तर्विष्ट नियमों के अध्यधीन है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ