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TPA धारा 47: सामान्य सम्पत्ति में के अंश का सह-स्वामियों द्वारा अन्तरण

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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47. सामान्य सम्पत्ति में के अंश का सह-स्वामियों द्वारा अन्तरण -

जहाँ कि स्थावर सम्पत्ति के कई सह-स्वामी उसमें के किसी अंश को यह विनिर्दिष्ट किए बिना अन्तरित करते हैं कि वह अन्तरण उन अन्तरकों के किसी विशिष्ट अंश या अंशों पर प्रभावी होना है वहाँ ऐसा अन्तरण जहाँ तक कि ऐसे अन्तरकों के बीच का संबंध है ऐसे अंशों पर, जहाँ कि वे अंश बराबर थे, वहाँ बरांबर-बराबर और, जहाँ कि वे अंश बराबर नहीं थे वहाँ ऐसे अंशों के विस्तार के अनुपात में प्रभावी होता है।

दृष्टान्त

सुल्तानपुर मौजे में क, जो आठ आने के अंश का स्वामी है, और ख और ग जो, हर एक चार-चार आने के स्वामी हैं, उस मौजे का दो आना अंश यह विनिर्दिष्ट किए बिना घ को अन्तरित कर देते हैं कि उनके विभिन्न अंशों में जिसमें से यह अन्तरण किया गया है। उस अन्तरण को प्रभावी करने के लिए क के अंश में से एक आना अंश, ख और ग के अंशों में से आधा-आधा आना अंश लिया जाएगा।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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