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TPA धारा 48: अन्तरण द्वारा सृष्ट अधिकारों की पूर्विकता

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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48. अन्तरण द्वारा सृष्ट अधिकारों की पूर्विकता-

जहाँ कि किसी व्यक्ति द्वारा भिन्न समयों पर अन्तरण द्वारा एक ही स्थावर सम्पत्ति में या पर अधिकार सृष्ट किया जाना तात्पर्थित है और ऐसे अधिकार सब अपने पूरे विस्तार तक एक साथ अस्तित्वयुक्त या प्रयुक्त नहीं हो सकते वहाँ पश्चात् सृष्ट हर एक अधिकार पूर्वतर अन्तरितियों को बाध्य करने वाली कोई विशेष संविदा या आरक्षण न हो तो पूर्व सृष्ट अधिकारों के अध्यधीन रहेगा।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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