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TPA धारा 14: शाश्वतता के विरुद्ध नियम

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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14. शाश्वतता के विरुद्ध नियम -

कोई भी सम्पत्ति अन्तरण ऐसा हित सृष्ट करने के लिए प्रवृत्त नहीं हो सकता जो ऐसे अन्तरण की तारीख को जीवित एक या अधिक व्यक्तियों के जीवन काल के, और किसी व्यक्ति की, जो उस कालावधि के अवसान के समय अस्तित्व में हो, जिसे यदि वह पूर्ण वय प्राप्त करे तो वह सृष्ट हित मिलना हो, अप्राप्तवयता के पश्चात् प्रभावी होना है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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