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TPA धारा 26: पुरोभावय शर्त की पूर्ति

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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26. पुरोभावय शर्त की पूर्ति -

जहां कि सम्पत्ति अन्तरण के निबंधन कोई ऐसी शर्त अधिरोपित करते हैं जो इससे पहले कि कोई व्यक्ति उस सम्पत्ति में हित प्राप्त कर सके, पूरी की जानी हो, वहां यदि उस शर्त का सारतः अनुपालन कर दिया गया है, तो यह समझा जाएगा कि उसकी पूर्ति कर दी गई है।

दृष्टांत

(क).   क 5,000 रुपए ख को इस शर्त पर अन्तरित करता है कि वह ग,घ और ड़ की सम्मति से विवाह करेगा। ड़ की मृत्यु हो जाती है। ग और घ की सम्मति से ख विवाह करता है। यह समझा जाएगा की ख ने शर्त पूरी कर दी है

(ख).   क 5,000 रुपए ख को इस शर्त पर अन्तरित करता है कि वह ग,घ और ड़ की सम्मति से विवाह करेगा। ग,घ और ड़ की सम्मति के बिना ख विवाह करता है, किन्तु विवाह के पश्चात् उनकी सम्मति अभिप्राप्त कर लेता है। ख ने शर्त पूरी नहीं की है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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