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TPA धारा 36: हकदार व्यक्ति के हित के पर्यवसान पर कालिक संदायों का प्रभाजन

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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36. हकदार व्यक्ति के हित के पर्यवसान पर कालिक संदायों का प्रभाजन-

तत्प्रतिकूल संविदा या स्थानीय प्रथा के अभाव में सब भाटक, वार्षिकियां, पेशन, लाभांश और अन्य कालिक संदाय, जो आय की प्रकृति के हैं, ऐसे संदायों को पाने के लिए हकदार व्यक्ति के हित के अन्तरण पर, जहां तक अन्तरक और अन्तरिती के बीच का संबंध है, दिन प्रतिदिन प्रोद्भवमान और तद्नुकूल प्रभाजनीय, किन्तु वे उनके संदाय के लिए नियत दिनों को संदेय, समझे जाएंगे।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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