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TPA धारा 27: एक व्यक्ति को सशर्त अन्तरण ऐसे अन्तरण के साथ जो पूर्विक व्ययन के निष्फल होने पर दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हो जाएगा

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 2: पक्षकारों के कार्य द्वारा संपत्ति-अंतरण

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27. एक व्यक्ति को सशर्त अन्तरण ऐसे अन्तरण के साथ जो पूर्विक व्ययन के निष्फल होने पर दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हो जाएगा -

जहां कि सम्पत्ति-अन्तरण से उस सम्पत्ति में कोई हित एक व्यक्ति के पक्ष में सृष्ट किया जाता है और उसी संव्यवहार द्वारा उसी हित का कोई परतर व्ययन उस अन्तरण के अधीन पूर्विक व्ययन के निष्फल होने की दशा में किसी दूसरे के पक्ष में किया जाता है, वहां पूर्विक व्ययन की निष्फलता पर परतर व्ययन प्रभावी हो जाएगा; यद्यपि वह निष्फलता अन्तरक अनुध्यात प्रकार से न हुई हो ।

किन्तु जहां कि संव्यवहार के पक्षकारों का आशय यह हो कि पूर्विक व्ययन के किसी विशेष प्रकार से निष्फल हो जाने की दशा में ही परतर व्ययन प्रभावी होगा, वहां जब तक कि पूर्विक व्ययन उस प्रकार से निष्फल नहीं हो जाता, परतर व्वयन प्रभावी न होगा।

दृष्टांत

(क).   क इस शर्त पर कि क की मृत्यु के पश्चात् तीन मास के भीतर अमुक पट्टा निष्पादित कर देगा, ख को और यदि वह ऐसा करने में उपेक्षा करे तो ग को 500 रुपए अन्तरित करता है। क के जीवनकाल में ख की मृत्यु हो जाती है ग के पक्ष में व्ययन प्रभावी हो जाता है।

(ख).   क अपनी पत्नी को सम्पत्ति अन्तरित करता है किन्तु उसके जीवनकाल में ही उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाने की दशा में वह सम्पत्ति, जिसे उसने अपनी पत्नी को अन्तरित किया था, ख को अन्तरित करता है क और उसकी पत्नी ऐसी परिस्थितियों में एक साथ विनष्ट हो जाते हैं, जिनसे यह साबित करना असम्भव हो जाता है कि वह उसके पहले मर गई। ख के पक्ष में व्ययन प्रभावी नहीं होता।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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