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TPA धारा 93: आबंधन का प्रतिषेध

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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93. आबंधन का प्रतिषेध-

कोई भी बन्धकदार, जो पूर्विक बन्धक को मध्यवर्ती बन्धक की सूचना होते हुए या न होते हुए चुका देता है अपनी मूल प्रतिभूति के विषय में कोई पूर्विकता तद्‌द्वारा अर्जित नहीं करेगा, और धारा 79 द्वारा उपबन्धित दशा के सिवाय कोई भी बन्धकदार जो मध्यवर्ती बन्धक की सूचना होते हुए या न होते हुए बन्धककर्ता को पाश्चिक उधार दे ऐसे पाश्चिक उधार के लिए अपनी प्रतिभूति के बारे में तद्द्वारा कोई पूर्विकता अर्जित नहीं करेगा।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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