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TPA धारा 63: बन्धक सम्पत्ति में अनुवृद्धि

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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63. बन्धक सम्पत्ति में अनुवृद्धि-

जहाँ कि बन्धकदार के कब्जे में की बन्धक सम्पत्ति में अनुवृद्धि बन्धक चालू रहने के दौरान होती है, वहाँ तत्प्रतिकूल संविदा न हो तो मोचन किए जाने पर बन्धकदार के विरुद्ध बन्धककर्ता ऐसी अनुवृद्धि का हकदार होगा।

अन्तरितस्वामित्वकेआधारपरअर्जितअनुवृद्धि- जहाँ कि ऐसी अनुवृद्धि बन्धकदार के व्यय से अर्जित की गई है, और मूल सम्पत्ति का अपाय हुए बिना पृथक् कब्जे या उपभोग के योग्य है, वहाँ उस अनुवृद्धि को लेने की वांछा करने वाला बन्धककर्त्ता उसे अर्जित करने का व्यय बन्धकदार को देगा। यदि ऐसा पृथक् कब्जा या उपभोग। संभव न हो तो वह अनुवृद्धि, सम्पत्ति के साथ, परिदत्त करनी होगी और बन्धककर्ता दायी होगा कि ऐसी दशा में, जब उस सम्पत्ति का नाश, समपहरण या विक्रय से परिरक्षित रखने के लिए अर्जन आवश्यक हो, या ऐसी दशा में, जब अर्जन बन्धककर्त्ता की अनुमति से किया गया हो, उस अर्जन में लगे उचित खर्चो को उन पर उसी दर से, जो मूलधन पर देय है, या जहाँ कि ऐसी कोई दर नियत नहीं की गई है, वहाँ नौ प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज सहित मूलधन में जोड़कर दे। 

अन्तिम वर्णित दशा में अनुवृद्धि से उत्पन्न होने वाले लाभ, यदि कोई हों, बन्धककर्त्ता के नाम जमा किए जाएंगे।

जहाँ कि बन्धक भोग-बंधक है और अनुवृद्धि बन्धकदार के व्यय से अर्जित की गई है, वहाँ अनुवृद्धि से उद्भुत लाभ, यदि कोई हो, तत्प्रतिकूल संविदा न हो तो ऐसे व्यय किए गए धन पर देय ब्याज मद्धे यदि कोई हो, मुजरा कर दिए जाएंगे।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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