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TPA धारा 101: पाश्चिक विल्लंगमों के विद्यमान होने पर विलयन न होगा

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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101. पाश्चिक विल्लंगमों के विद्यमान होने पर विलयन न होगा-

स्थावर सम्पत्ति का कोई भी बंधकदार या वैसी सम्पत्ति पर भार रखने वाला कोई भी व्यक्ति या ऐसे बंधकदार या भारक का कोई अन्तरिती यथास्थिति, बंधककर्त्ता या स्वामी के उस सम्पत्ति में के अधिकारों का क्रय या अन्यथा अर्जन, जहाँ तक कि उसके, अपने और उसी सम्पत्ति के किसी पाश्चिक बंधकदार या किसी पाश्चिक भारक के बीच का संबंध है, बन्धक या भार का तद्द्वारा विलयन कारित किए बिना कर सकेगा और ऐसा कोई भी पाश्चिक बन्धकदार या भारक पूर्विक बंधक या भार का मोचन कराए बिना या बन्धक या भार के अध्यधीन बने रहने से अन्यथा पुरोबन्ध कराने या ऐसी सम्पत्ति का विक्रय कराने का हकदार न होगा।

सूचना और निविदा

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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