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TPA धारा 67A: बंधकदार कई बंधकों के आधार पर एक वाद लाने को कब आबद्ध होता है

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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67क. बंधकदार कई बंधकों के आधार पर एक वाद लाने को कब आबद्ध होता है-

जो बन्धकदार एक ही बन्धककर्त्ता द्वारा निष्पादित ऐसे दो या अधिक बन्धक धारण करता है, जिनमें से हर एक के विषय में उसे धारा 67 के अधीन एक ही किस्म की डिक्री अभिप्राप्त करने का अधिकार है, और जो उन बन्धकों में से किसी एक के लिए ऐसी डिक्री अभिप्राप्त करने के लिए वाद लाता है, वह तत्प्रतिकूल संविदा न हो तो उन सब बन्धकों के आधार पर, जिनके बारे में बन्धक-धन शोध्य हो गया है; वाद लाने के लिए आबद्ध होगा।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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