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TPA धारा 79: जब कि अधिकतम रकम अभिव्यक्त है, तब अनिश्चित रकम को प्रतिभूत करने के लिए बंधक

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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79. जब कि अधिकतम रकम अभिव्यक्त है, तब अनिश्चित रकम को प्रतिभूत करने के लिए बंधक-

यदि भविष्यवर्ती उधारों को, वचनबंध के पालन को, या किसी चालू खाते की बाकी को प्रतिभूत करने के लिए किए गए किसी बन्धक में वह अधिकतम रकम अभिव्यक्त है, जो त‌द्धारा प्रतिभूत की जानी है, तो उसकी सम्पत्ति का कोई पाश्चिक बंधक, यदि वह किसी पूर्विक बंधक की सूचना होते हुए किया गया है उस अधिकतम से अनधिक उन सब उधारों या विकलनों की बाबत, यद्यपि वे पाश्चिक बंधक की सूचना होते हुए दिए गए या अनुज्ञात किए गए हों, उसी सम्पत्ति का पाश्चिक बन्धक पूर्विक बंधक के मुकाबले में मुल्तवी रहेगा।

दृष्टान्त

क सुल्तानपुर का बंधक अपने महाजन ख एवं कम्पनी के पास 10,000 रुपए तक उनके साथ अपने लेखाओं की बाकी को प्रतिभूत करने के लिए करता है। क फिर ग के पास, जिसे ख एवं कम्पनी के पक्ष किए गए बंधक की सूचना है, सुल्तानपुर का बंधक 10,000 रुपए के प्रतिभूत करने के लिए करता है और ख एवं कम्पनी को ग उस दूसरे बंधक की सूचना देता है। दूसरे बंधक की तारीख को ख एवं कम्पनी को शोध्य बाकी 5,000 रुपए से अधिक नहीं है। ख एवं कम्पनी उसके पश्चात् क को ऐसी राशि देते हैं जिससे क के खाते में विकलन बाकी 10,000 रुपए की राशि से अधिक हो जाती है। ख एवं कम्पनी ग के मुकाबले में 10,000 रुपए तक पूर्विकता के हकदार हैं।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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