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TPA धारा 78: पूर्विक बंधकदार का मुल्तवी होना

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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78. पूर्विक बंधकदार का मुल्तवी होना-

जहाँ कि किसी पूर्विक बंधकदार के कपट, मिथ्या व्यपदेशन या घोर उपेक्षा से कोई अन्य व्यक्ति बंधक सम्पत्ति की प्रतिभूति पर धन उधार देने के लिए उत्प्रेरित हुआ है, वहाँ वह पूर्विक बंधकदार उस पाश्चिक बंधकदार के मुकाबले में मुल्तवी हो जाएगा।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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