Bबनाका ऐप स्टूडियो

TPA धारा 84: ब्याज का बन्द हो जाना

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

अध्याय मार्गदर्शक पढ़ें और अभ्यास करें →

अन्य भाषाओं में भी: English

84. ब्याज का बन्द हो जाना -

जबकि बंधककर्ता ने या यथापूर्वोक्त अन्य व्यक्ति ने बंधक पर शोध्य अवशिष्ट रकम निविदत्त कर दी है या न्यायालय में धारा 83 के अधीन निक्षिप्त कर दी है, तब निविदा की तारीख से या निक्षेप की दशा में, जहाँ कि पहले ऐसी रकम की कोई निविदा नहीं की गयी है, ज्यों ही बंधककर्त्ता या पूर्वोक्त अन्य व्यक्ति वे सब बातें कर देता है जो उसे बंधकदार को न्यायालय से ऐसी रकम निकालने के योग्य करने के लिए करनी है और बंधकदार पर धारा 83 द्वारा अपेक्षित सूचना की तामील हो जाती है, त्यों ही मूलधन पर ब्याज चलना बन्द हो जाएगाः

परन्तु जहाँ कि बंधककर्ता ने ऐसी रकम को उसकी पूर्व निविदा किए बिना निक्षिप्त कर दिया है और तत्पश्चात् उसका या उसके किसी भाग का प्रत्याहरण कर लिया है, वहाँ मूलधन पर ब्याज ऐसे प्रत्याहरण की तारीख से देय होगा।

जब कि यह संविदा वर्तमान हो कि बंधकदार इस बात का हकदार होगा कि बंधक-धन के संदाय या निविदा से पूर्व उसे युक्तियुक्त सूचना दी जाए और उसे ऐसी सूचना, यथास्थिति निविदा या निक्षेप करने से पहले नहीं दी गई हो, तो इस धारा की या धारा 83 की कोई भी बात बंधकदार को ब्याज के लिए अपने अधिकार से वंचित करने वाली न समझी जाएगी।

पुरोबन्ध विक्रय या मोचन के लिए वाद

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ