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TPA धारा 81: प्रतिभूतियों का क्रमबंधन

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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81. प्रतिभूतियों का क्रमबंधन -

यदि दो या अधिक सम्पत्तियों का स्वामी उन्हें एक व्यक्ति के पास बन्धक रखता है और फिर उन सम्पत्तियों में से एक या अधिक को किसी अन्य व्यक्ति के पास बंधक रखता है, तो तत्प्रतिकूल संविदा के अभाव में पाश्चिक बंधकदार इस बात का हकदार है कि वह पूर्विक बंधक ऋण को, उसे बंधक न की गई सम्पत्ति या सम्पत्तियों में से वहाँ तक तुष्ट करवाये जहाँ तक उससे या उनसे उसकी तुष्टि हो सकती है, किन्तु ऐसे नहीं कि पूर्विक बंधकदार के या किसी ऐसे अन्य व्यक्ति के, जिसने उन संपत्तियों में से किसी भी सम्पत्ति में कोई हित प्रतिफलेन अर्जित किया है अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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