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TPA धारा 66: कब्जा रखने वाले बंधककर्त्ता द्वारा दुर्व्यय

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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66. कब्जा रखने वाले बंधककर्त्ता द्वारा दुर्व्यय-

बन्धक सम्पत्ति पर कब्जा रखने वाला बन्धककर्त्ता सम्पत्ति का क्षय होने देने के लिए बन्धकदार के प्रति दायी नहीं होगा किन्तु वह ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जो सम्पत्ति के लिए विनाशक या स्थायी रूप से क्षतिपूर्ण हो यदि प्रतिभूति अपर्याप्त हों या ऐसे कार्य द्वारा अपर्याप्त कर दी जाएगी।

स्पष्टीकरण- प्रतिभूति इस धारा के अर्थ में अपर्याप्त है जब तक बन्धक सम्पत्ति का मूल्य बन्धक पर उस समय शोध्य रकम से एक-तिहाई है, या यदि वह सम्पत्ति निर्माण है तो आधे से अधिक न हो।

बंधकदार के अधिकार और दायित्व

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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