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TPA धारा 92: प्रत्यासन

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 4: स्थावर संपत्ति के बंधक और भार

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92. प्रत्यासन-

धारा 91 में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से (बंधककर्त्ता से भिन्न) कोई भी, और कोई भी सह-बंधककर्ता, उस सम्पत्ति का, जो बंधक के अध्यधीन है, मोचन कराने पर वहाँ तक, जहाँ तक कि ऐसी सम्पत्ति के मोचन पुरोबंध या विक्रय का संबंध है, वे ही अधिकार रखेगा, जिन्हें बंधककर्ता के या किसी अन्य बंधकदार के विरुद्ध वह बंधकदार रखता हो जिसके बंधक का वह मोचन कराता।

इस धारा द्वारा प्रदत्त अधिकार प्रत्यासन अधिकार कहलाता है तथा जो व्यक्ति उसे अर्जित करता है, वह उस बंधकदार के अधिकारों में प्रत्यासीन हुआ कहलाता है जिसके बंधक का वह मोचन कराता है।

वह व्यक्ति, जिसने बंधककर्त्ता को वह धन उधार दिया है, जिससे बंधक का मोचन हुआ है, उस बंधकदार के अधिकारों में प्रत्यासीन हो जाएगा जिसके बंधक का मोचन कराया गया है यदि बंधककर्ता ने रजिस्ट्रीकृत लिखत द्वारा यह करार किया हो कि ऐसा व्यक्ति ऐसे प्रत्यासीन हो जाएगा।

इस धारा की कोई भी बात किसी भी व्यक्ति को प्रत्यासन का अधिकार प्रदान करने वाली न समझी जाएगी जब तक कि उस बंधक का, जिसके बारे में इस अधिकार का दावा किया जाता है मोचन पूर्णतः न करा लिया गया हो।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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