BNSS धारा 180: पुलिस द्वारा गवाहों की जांच
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 13: पुलिस को जानकारी और जांच करने की उनकी शक्तियां
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180. (1) इस अध्याय के तहत जांच करने वाला कोई भी पुलिस अधिकारी, या कोई भी पुलिस अधिकारी जो ऐसी रैंक से नीचे का नहीं है, जो राज्य सरकार, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, इस संबंध में निर्धारित कर सकती है, ऐसे अधिकारी की मांग पर कार्य करते हुए, जांच कर सकती है मौखिक रूप से किसी भी व्यक्ति को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित होना चाहिए।
(2) ऐसा व्यक्ति ऐसे मामले से संबंधित ऐसे अधिकारी द्वारा उससे पूछे गए सभी प्रश्नों का सही-सही उत्तर देने के लिए बाध्य होगा, सिवाय उन प्रश्नों के जिनके उत्तर से उसे आपराधिक आरोप या जुर्माना या जब्ती का सामना करना पड़ सकता है।< br>
(3) पुलिस अधिकारी इस धारा के तहत एक परीक्षा के दौरान उसे दिए गए किसी भी बयान को लिखित रूप में लिख सकता है; और यदि वह ऐसा करता है, तो वह ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के बयान का एक अलग और सच्चा रिकॉर्ड बनाएगा जिसका बयान वह रिकॉर्ड करता है:
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत दिए गए बयान को ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी रिकॉर्ड किया जा सकता है:
बशर्ते कि उस महिला का बयान जिसके खिलाफ धारा 64, धारा 66, धारा 67, धारा 68, धारा 70, धारा 71, धारा 73, धारा 74, धारा 75, धारा 76, धारा 77 या धारा 78 के तहत अपराध हो। भारतीय न्याय संहिता, 2023 में किसी महिला पुलिस अधिकारी या किसी महिला अधिकारी द्वारा कथित तौर पर अपराध करने या प्रयास करने का आरोप लगाया जाएगा।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 173. संज्ञेय मामलों में जानकारी
- 174. गैर-संज्ञेय मामलों की जानकारी और ऐसे मामलों की जांच
- 175. पुलिस अधिकारी को संज्ञेय मामले की जांच करने की शक्ति
- 176. जांच की प्रक्रिया
- 177. रिपोर्ट कैसे सबमिट की गई
- 178. जांच या प्रारंभिक जांच करने की शक्ति
- 179. गवाहों की उपस्थिति की आवश्यकता के लिए पुलिस अधिकारी की शक्ति
- 181. पुलिस को बयान और उसका उपयोग
- 182. कोई प्रलोभन नहीं दिया जाएगा
- 183. स्वीकारोक्ति और बयानों की रिकॉर्डिंग
- 184. बलात्कार की पीड़िता की मेडिकल जांच
- 185. पुलिस अधिकारी द्वारा तलाशी
- 186. जब पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को सर्च-वारंट जारी करने के लिए किसी अन्य की आवश्यकता हो सकती है
- 187. प्रक्रिया जब जांच चौबीस घंटे में पूरी नहीं की जा सकती
- 188. अधीनस्थ पुलिस अधिकारी द्वारा जांच की रिपोर्ट
- 189. सबूत कम होने पर आरोपी को रिहा करना
- 190. पर्याप्त साक्ष्य होने पर मामले को मजिस्ट्रेट के पास भेजा जाएगा
- 191. शिकायतकर्ता और गवाहों को पुलिस अधिकारी के साथ जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा
- 192. जांच में कार्यवाही की डायरी
- 193. जांच पूरी होने पर पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट
- 194. आत्महत्या आदि पर पुलिस जांच करेगी और रिपोर्ट करेगी
- 195. व्यक्तियों को बुलाने की शक्ति
- 196. मौत के कारण की मजिस्ट्रेट द्वारा जांच