BNSS धारा 174: गैर-संज्ञेय मामलों की जानकारी और ऐसे मामलों की जांच
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 13: पुलिस को जानकारी और जांच करने की उनकी शक्तियां
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174. (1) जब आयोग के किसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को गैर-संज्ञेय अपराध के ऐसे थाने की सीमा के भीतर जानकारी दी जाती है, तो वह जानकारी के सार को एक पुस्तक में दर्ज करेगा या दर्ज कराएगा। ऐसे अधिकारी द्वारा ऐसे प्रपत्र में रखा जाना चाहिए जैसा राज्य सरकार इस संबंध में निर्धारित कर सकती है, और,—
(i) मुखबिर को मजिस्ट्रेट के पास भेजें;
(ii) ऐसे सभी मामलों की दैनिक डायरी रिपोर्ट पाक्षिक रूप से मजिस्ट्रेट को अग्रेषित करें।
(2) कोई भी पुलिस अधिकारी किसी गैर-संज्ञेय मामले की जांच उस मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना नहीं करेगा जिसके पास ऐसे मामले की सुनवाई करने या मामले को सुनवाई के लिए सौंपने की शक्ति है।
(3) ऐसा आदेश प्राप्त करने वाला कोई भी पुलिस अधिकारी जांच के संबंध में उन्हीं शक्तियों का प्रयोग कर सकता है (बिना वारंट के गिरफ्तारी की शक्ति को छोड़कर) जो एक पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी किसी संज्ञेय मामले में प्रयोग कर सकता है।
(4) जहां कोई मामला दो या दो से अधिक अपराधों से संबंधित है, जिनमें से कम से कम एक संज्ञेय है, तो मामले को संज्ञेय मामला माना जाएगा, भले ही अन्य अपराध गैर-संज्ञेय हों।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 173. संज्ञेय मामलों में जानकारी
- 175. पुलिस अधिकारी को संज्ञेय मामले की जांच करने की शक्ति
- 176. जांच की प्रक्रिया
- 177. रिपोर्ट कैसे सबमिट की गई
- 178. जांच या प्रारंभिक जांच करने की शक्ति
- 179. गवाहों की उपस्थिति की आवश्यकता के लिए पुलिस अधिकारी की शक्ति
- 180. पुलिस द्वारा गवाहों की जांच
- 181. पुलिस को बयान और उसका उपयोग
- 182. कोई प्रलोभन नहीं दिया जाएगा
- 183. स्वीकारोक्ति और बयानों की रिकॉर्डिंग
- 184. बलात्कार की पीड़िता की मेडिकल जांच
- 185. पुलिस अधिकारी द्वारा तलाशी
- 186. जब पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को सर्च-वारंट जारी करने के लिए किसी अन्य की आवश्यकता हो सकती है
- 187. प्रक्रिया जब जांच चौबीस घंटे में पूरी नहीं की जा सकती
- 188. अधीनस्थ पुलिस अधिकारी द्वारा जांच की रिपोर्ट
- 189. सबूत कम होने पर आरोपी को रिहा करना
- 190. पर्याप्त साक्ष्य होने पर मामले को मजिस्ट्रेट के पास भेजा जाएगा
- 191. शिकायतकर्ता और गवाहों को पुलिस अधिकारी के साथ जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा
- 192. जांच में कार्यवाही की डायरी
- 193. जांच पूरी होने पर पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट
- 194. आत्महत्या आदि पर पुलिस जांच करेगी और रिपोर्ट करेगी
- 195. व्यक्तियों को बुलाने की शक्ति
- 196. मौत के कारण की मजिस्ट्रेट द्वारा जांच