BNSS धारा 40: निजी व्यक्ति द्वारा गिरफ्तारी और ऐसी गिरफ्तारी पर प्रक्रिया

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 5: व्यक्तियों की गिरफ्तारी

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40. (1) कोई भी निजी व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को, जो उसकी उपस्थिति में गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध करता है, या किसी उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर सकता है या गिरफ्तार करवा सकता है, और, अनावश्यक देरी के बिना, लेकिन ऐसी गिरफ्तारी से छह घंटे के भीतर। इस प्रकार गिरफ्तार किए गए किसी भी व्यक्ति को किसी पुलिस अधिकारी के हवाले कर देना या सौंप देना, या, किसी पुलिस अधिकारी की अनुपस्थिति में, ऐसे व्यक्ति को ले जाना या उसे निकटतम पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले जाना।
(2) यदि यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसा व्यक्ति धारा 35 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत आता है, तो एक पुलिस अधिकारी उसे हिरासत में ले लेगा।
(3) यदि यह विश्वास करने का कारण है कि उसने एक गैर-संज्ञेय अपराध किया है, और वह एक पुलिस अधिकारी की मांग पर अपना नाम और निवास बताने से इनकार कर देता है, या कोई ऐसा नाम या निवास बताता है जिस पर ऐसे अधिकारी के पास विश्वास करने का कारण है झूठा हो, तो उस पर धारा 39 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी; लेकिन अगर यह मानने का पर्याप्त कारण नहीं है कि उसने कोई अपराध किया है, तो उसे तुरंत रिहा कर दिया जाएगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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