BNSS धारा 51: पुलिस अधिकारी के अनुरोध पर चिकित्सक द्वारा आरोपी की जांच

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 5: व्यक्तियों की गिरफ्तारी

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51. (1) जब किसी व्यक्ति को ऐसी प्रकृति का अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है और ऐसी परिस्थितियों में अपराध करने का आरोप लगाया जाता है कि यह विश्वास करने के लिए उचित आधार हैं कि उसके व्यक्ति की जांच से आयोग के बारे में सबूत मिलेगा किसी अपराध के मामले में, किसी भी पुलिस अधिकारी के अनुरोध पर कार्य करने वाले एक पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए, और उसकी सहायता में और उसके निर्देश के तहत सद्भावना से कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की ऐसी जांच करना वैध होगा। उन तथ्यों का पता लगाने के लिए उचित रूप से आवश्यक है जो ऐसे साक्ष्य प्रदान कर सकते हैं, और ऐसे बल का उपयोग करना जो उस उद्देश्य के लिए उचित रूप से आवश्यक हो।
(2) जब भी इस धारा के तहत किसी महिला के शरीर की जांच की जानी है, तो परीक्षा केवल एक महिला पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा या उसकी देखरेख में की जाएगी।
(3) पंजीकृत चिकित्सक, बिना किसी देरी के, जांच रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेज देगा।
स्पष्टीकरण.—इस खंड और धारा 52 और 53 में,—
(ए) "परीक्षा" में डीएनए प्रोफाइलिंग और ऐसे अन्य परीक्षणों सहित आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से रक्त, रक्त के धब्बे, वीर्य, यौन अपराधों के मामले में स्वाब, थूक और पसीना, बालों के नमूने और उंगली के नाखून कतरन की जांच शामिल होगी। जिसे पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी किसी विशेष मामले में आवश्यक समझता है;
(बी) "पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी" का अर्थ एक चिकित्सा व्यवसायी है जिसके पास राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत मान्यता प्राप्त कोई भी चिकित्सा योग्यता है और जिसका नाम उस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर या राज्य चिकित्सा रजिस्टर में दर्ज किया गया है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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