BNSS धारा 365: आंशिक रूप से एक मजिस्ट्रेट द्वारा और आंशिक रूप से दूसरे द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्य पर दोषसिद्धि या प्रतिबद्धता

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 26: पूछताछ और परीक्षण के संबंध में सामान्य प्रावधान

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365. (1) जब भी कोई न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, किसी जांच या मुकदमे में पूरे साक्ष्य या उसके किसी हिस्से को सुनने और दर्ज करने के बाद, उसमें अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करना बंद कर देता है और उसके स्थान पर कोई अन्य न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट आता है, जो ऐसा करता है और जो ऐसा करता है। क्षेत्राधिकार, इस प्रकार उत्तराधिकारी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट अपने पूर्ववर्ती द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्य पर कार्रवाई कर सकते हैं, या आंशिक रूप से अपने पूर्ववर्ती द्वारा दर्ज किए गए और आंशिक रूप से स्वयं द्वारा दर्ज किए गए:
बशर्ते कि यदि उत्तरवर्ती न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की राय है कि जिन गवाहों का साक्ष्य पहले ही दर्ज किया जा चुका है, उनमें से किसी की आगे की परीक्षा न्याय के हित में आवश्यक है, तो वह ऐसे किसी भी गवाह को फिर से बुला सकता है, और ऐसी आगे की परीक्षा के बाद क्रॉस कर सकता है। -परीक्षा और पुन:परीक्षा, यदि कोई हो, जैसा कि वह अनुमति दे, गवाह को बरी कर दिया जाएगा।
(2) जब कोई मामला इस संहिता के प्रावधानों के तहत एक न्यायाधीश से दूसरे न्यायाधीश या एक मजिस्ट्रेट से दूसरे मजिस्ट्रेट के पास स्थानांतरित किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि पहले वाले ने वहां अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करना बंद कर दिया है, और बाद वाले द्वारा उत्तराधिकारी बनाया जाएगा। उपधारा (1) का अर्थ.
(3) इस धारा में कुछ भी सारांश परीक्षणों या उन मामलों पर लागू नहीं होता है जिनमें कार्यवाही धारा 361 के तहत रोक दी गई है या जिनमें कार्यवाही धारा 364 के तहत एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत की गई है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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