BNSS धारा 338: लोक अभियोजकों द्वारा उपस्थिति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 26: पूछताछ और परीक्षण के संबंध में सामान्य प्रावधान

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338. (1) किसी मामले का प्रभारी लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक किसी भी न्यायालय के समक्ष बिना किसी लिखित प्राधिकार के उपस्थित हो सकता है और दलील दे सकता है, जिसमें वह मामला जांच, परीक्षण या अपील के अधीन है।
(2) यदि ऐसे किसी मामले में कोई निजी व्यक्ति अपने वकील को किसी भी न्यायालय में किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश देता है, तो मामले के प्रभारी लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक अभियोजन का संचालन करेंगे, और इस तरह निर्देशित वकील निर्देशों के तहत कार्य करेगा। लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक, और न्यायालय की अनुमति से, मामले में साक्ष्य बंद होने के बाद लिखित दलीलें प्रस्तुत कर सकते हैं।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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