BNSS धारा 364: प्रक्रिया जब मजिस्ट्रेट पर्याप्त रूप से गंभीर सजा नहीं दे सकता
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 26: पूछताछ और परीक्षण के संबंध में सामान्य प्रावधान
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364. (1) जब भी कोई मजिस्ट्रेट, अभियोजन पक्ष और अभियुक्त के साक्ष्य सुनने के बाद, यह राय रखता है कि अभियुक्त दोषी है, और उसे उससे भिन्न प्रकार की या उससे भी अधिक गंभीर सज़ा मिलनी चाहिए। मजिस्ट्रेट को दंड देने का अधिकार है, या, द्वितीय श्रेणी के मजिस्ट्रेट होने के नाते, उसकी राय है कि अभियुक्त को धारा 125 के तहत एक बांड या जमानत बांड निष्पादित करने की आवश्यकता होनी चाहिए, वह राय दर्ज कर सकता है और अपनी कार्यवाही प्रस्तुत कर सकता है, और अग्रेषित कर सकता है अभियुक्त, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास, जिसके वह अधीनस्थ है।
(2) जब एक से अधिक अभियुक्तों पर एक साथ मुकदमा चलाया जा रहा हो, और मजिस्ट्रेट ऐसे किसी भी अभियुक्त के संबंध में उपधारा (1) के तहत कार्यवाही करना आवश्यक समझता है, तो वह उन सभी अभियुक्तों को आगे कर देगा, जो उसकी राय में हैं दोषी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को।
(3) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिसके पास कार्यवाही प्रस्तुत की गई है, यदि वह उचित समझे, तो पक्षों की जांच कर सकता है और किसी भी गवाह को वापस बुला सकता है और उसकी जांच कर सकता है, जिसने मामले में पहले ही साक्ष्य दे दिया है और कोई और साक्ष्य मांग सकता है और ले सकता है और ऐसे गवाह को पारित कर सकता है। मामले में निर्णय, सजा या आदेश जैसा वह उचित समझे, और कानून के अनुसार हो।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 337. एक बार दोषी ठहराए जाने या बरी किए जाने पर व्यक्ति पर उसी अपराध के लिए मुकदमा नहीं चलाया जाएगा
- 338. लोक अभियोजकों द्वारा उपस्थिति
- 339. अभियोजन चलाने की अनुमति
- 340. उस व्यक्ति का बचाव करने का अधिकार जिसके खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है
- 341. कुछ मामलों में राज्य के खर्च पर अभियुक्तों को कानूनी सहायता
- 342. प्रक्रिया जब निगम या पंजीकृत सोसायटी आरोपी हो
- 343. साथी को क्षमादान देना
- 344. क्षमादान की निविदा निर्देशित करने की शक्ति
- 345. क्षमा की शर्तों का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाना
- 346. कार्यवाही स्थगित या स्थगित करने की शक्ति
- 347. स्थानीय निरीक्षण
- 348. महत्वपूर्ण गवाह को बुलाने या उपस्थित व्यक्ति की जांच करने की शक्ति
- 349. किसी व्यक्ति को हस्ताक्षर या लिखावट आदि का नमूना देने का आदेश देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 350. शिकायतकर्ताओं और गवाहों का खर्च
- 351. आरोपी से पूछताछ करने की शक्ति
- 352. मौखिक तर्क और तर्क का ज्ञापन
- 353. आरोपी व्यक्ति सक्षम गवाह होगा
- 354. प्रकटीकरण को प्रेरित करने के लिए किसी प्रभाव का उपयोग नहीं किया जाएगा
- 355. कुछ मामलों में अभियुक्तों की अनुपस्थिति में पूछताछ और सुनवाई का प्रावधान
- 356. घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में पूछताछ, मुकदमा या निर्णय
- 357. प्रक्रिया जहां अभियुक्त कार्यवाही को नहीं समझता है
- 358. अपराध के दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही करने की शक्ति
- 359. अपराधों का शमन
- 360. अभियोजन से वापसी
- 361. उन मामलों में प्रक्रिया जिनका निपटान मजिस्ट्रेट नहीं कर सकते
- 362. प्रक्रिया जब जांच या सुनवाई शुरू होने के बाद, मजिस्ट्रेट को लगता है कि मामला कमिट किया जाना चाहिए
- 363. सिक्के, स्टांप-कानून या संपत्ति के खिलाफ अपराधों के लिए पहले दोषी ठहराए गए व्यक्तियों का मुकदमा
- 365. आंशिक रूप से एक मजिस्ट्रेट द्वारा और आंशिक रूप से दूसरे द्वारा दर्ज किए गए साक्ष्य पर दोषसिद्धि या प्रतिबद्धता
- 366. न्यायालय खुला रहेगा