BNSS धारा 333: प्राधिकारी जिनके समक्ष शपथपत्र पर शपथ ली जा सकती है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 25: पूछताछ और परीक्षण में साक्ष्य

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333. (1) इस संहिता के तहत किसी भी न्यायालय के समक्ष उपयोग किए जाने वाले शपथ पत्र पर शपथ ली जा सकती है या पुष्टि की जा सकती है—
(ए) कोई न्यायाधीश या न्यायिक या कार्यकारी मजिस्ट्रेट; या
(बी) उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय द्वारा नियुक्त कोई शपथ आयुक्त; या
(सी) नोटरी अधिनियम, 1952 के तहत नियुक्त कोई भी नोटरी।
(2) शपथ पत्र केवल ऐसे तथ्यों तक ही सीमित होंगे और अलग से बताए जाएंगे, जिन्हें अभिसाक्षी अपने ज्ञान से साबित करने में सक्षम है और ऐसे तथ्य जिन्हें सच मानने के लिए उसके पास उचित आधार है, और बाद के मामले में, अभिसाक्षी ऐसे विश्वास के आधार स्पष्ट रूप से बताएं।
(3) न्यायालय हलफनामे में किसी भी निंदनीय और अप्रासंगिक मामले को हटाने या संशोधित करने का आदेश दे सकता है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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